नेपाल में जारी बवाल का सबसे जयादा असर बिहार के इन जिलों में, छाया है सन्नाटा, बर्बादी का है खौफ

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Sep 2025 8:52 PM

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भारत-नेपाल सीमा पर सन्नाटा

Nepal Protest: नेपाल में जारी राजनीतिक संकट और हिंसा के चलते भारत-नेपाल सीमा सील कर दी गई है. इसका सीधा असर बॉर्डर इलाके के भारतीय बाजारों जैसे भीमनगर और जोगबनी में देखने को मिल रहा है. नेपाली ग्राहकों के न आने से कारोबार ठप हो गया है और व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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Nepal Protest: नेपाल में पिछले तीन दिनों से जारी राजनीतिक उथल-पुथल और अराजकता की स्थिति का सीधा असर सीमावर्ती भारतीय इलाकों पर भी पड़ रहा है. हालात को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा को आदेशानुसार अगले आदेश तक सील कर दिया गया है. सीमा बंद होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. इसका सबसे बड़ा असर अररिया, किशनगंज व सुपौल जिले से सटे बाजार पर दिखाई दिया.

छाया है सन्नाटा

गुरुवार को भीमनगर बाजार पूरी तरह सुनसान नजर आया. दुकानदार सुबह से शाम तक ग्राहकों का इंतजार करते रहे, लेकिन सीमा सील होने के कारण नेपाल से एक भी खरीदार बाजार नहीं पहुंच सके. इससे यहां का कारोबारी माहौल बुरी तरह प्रभावित हुआ. भीमनगर व्यापार संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने बताया कि तीन दिन से नेपाल में जारी अशांति का असर सीधे-सीधे व्यापार पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि गुरुवार को नेपाल से एक भी ग्राहक नहीं आया, जिससे बाजार को लगभग 1.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. अगर यही स्थिति आगे भी बनी रही तो व्यापारियों को कारोबार छोड़कर दूसरी जगह पलायन करने की नौबत आ सकती है.

चेकिंग करते जवान

कर्फ्यू से प्रभावित हो रहा है बॉर्डर इलाके का मार्केट

जिला प्रशासन कार्यालय मोरंग द्वारा पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई व कर्फ्यू आदेश दे दिया गया. कर्फ्यू शाम 5:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक जारी रहेगा. प्रशासन ने सुरक्षा स्थिति को नियंत्रण में रखने व संभावित अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए निषेधाज्ञा व कर्फ्यू जारी रखा है. इस दौरान आम जनता को घरों से बाहर निकलने, बड़ी संख्या में एकत्रित होने, किसी भी प्रकार के समारोह या जुलूस आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन ने आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है.

कर्फ्यू का असर जोगबनी बाजार में

नेपाल में जारी गतिरोध के कारण जोगबनी बाजार के आधे से अधिक दुकानें बंद रहे. जोगबनी के दुकानदारों ने बताया की दुर्गापूजा को लेकर उन्होंने पहले से ही तैयारियां कर रखी थी. कपड़ा दुकानदार पूजा को ले काफी संख्या में माल मंगवा लिए थे. गौरतलब है की नेपाल के दूरदराज के लोग पूजा से एक महीने पहले ही सारी शॉपिंग कर लेते है. लेकिन एन वक्त पर नेपाल में हुए आंदोलन ने सारी व्यवस्था को ही बदल कर रख दिया. अब दुकानदारों को यह चिंता सता रही है की वे जो माल मंगवाये हैं उनका क्या होगा.

कुछ जगह चल रही खबर के अनुसार कई भारतीय नागरिक नेपाल में फंसे हुए हैं. ऐसी स्थिति में वे सीधे स्थानीय प्रशासन को सुरक्षित निकालने के लिए समन्वय कर सकते हैं. पूर्वांचल के सभी होटल में रहे भारतीय पर्यटक की सूची नेपाल स्थित दूतावास को दे दी गई है. इसी दौरान कैसीनो में अत्यधिक राशि हराने के बाद झापा के कैसिनो में उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत की खबर भी सामने आ रही है. भारतीय राज्य दूतावास की सभी विंग 24 घंटे हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

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जोगबनी, बसमतिया, कुआड़ी और सिकटी के बाजार में छायी वीरानगी

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के बाद उत्पन्न तनाव के चलते भारत-नेपाल सीमा से जुड़ने वाले सीमा पर अवस्थित बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है. स्थानीय प्रशासन व एसएसबी ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. नेपाल से भारत आने वाले लोगों को कड़ी जांच के बाद हीं प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, जबकि भारतीय क्षेत्र से नेपाल जाने वालों को सीमा पर रोक दिया जा रहा है. नेपाल में जारी तनाव के बाद जोगबनी, बसमतिया, कुआड़ी, सिकटी के बाजारों को गहरे संकट में डाल दिया है, जो मुख्य रूप से नेपाली ग्राहकों पर निर्भर हैं.

स्थानीय पुलिस व एसएसबी की टीमें सीमा पर चौकसी बरत रही हैं. फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन तनाव के कारण सीमा सील होने से सीमावर्ती बाजार में सन्नाटा पसर गया है. करोड़ों रुपये के कारोबार वाला यह बाजार आज ग्राहकों की कमी से जूझ रहा है. स्थानीय किराना दुकानदार अमित शर्मा ने बताया कि उनका व्यवसाय पूरी तरह नेपाली ग्राहकों पर निर्भर है, नेपाल में तनाव व सीमा पर कड़ी सुरक्षा के कारण नेपाली ग्राहक बाजार नहीं आ रहे हैं, जिससे उनकी दुकानदारी ठप हो गई है.

भारत नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी बाजार, भारत-नेपाल व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र है जो अब खाली पड़ा है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबी चली, तो उनका कारोबार पूरी तरह चौपट हो जायेगा.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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