बाल विवाह स्वास्थ्य व शिक्षा को करता है प्रभावित

Updated at : 06 Mar 2025 7:49 PM (IST)
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बाल विवाह स्वास्थ्य व शिक्षा को करता है प्रभावित

एएचटीयू की टीम ने जवाहर उवि में बच्चों को किया जागरूक

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40- प्रतिनिधि, भरगामा प्रखंड के जवाहर प्लस टू उच्च विद्यालय, भरगामा में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा एक महत्वपूर्ण जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, भरगामा थाना अध्यक्ष राकेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार व एसआइ रूपा कुमारी सहित एएचटीयू टीम के पदाधिकारी व विधालय के शिक्षक मौजूद थे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह, बाल मजदूरी व मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के प्रति छात्रों व स्थानीय लोगों को जागरूक करना था. अधिकारी ने बताया बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि यह एक कानूनी अपराध भी है. शादी की कानूनी उम्र लड़कियों के लिए 18 वर्ष व लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है. कम उम्र में विवाह से लड़कियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं, साथ हीं उनकी शिक्षा व स्वतंत्रता बाधित होती है. 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी करवाना गैरकानूनी है. कई बार लालच देकर या नौकरी के बहाने लोगों को धोखे से दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है. किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत टीम या पुलिस को दें.

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