नगर परिषद प्रशासन ने बुलडोजर चला हटाया अतिक्रमण, वसूला जुर्माना

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 09 Oct 2024 11:33 PM

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शहर के लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिये एसडीओ शैलजा पांडेय के निर्देश पर नगर परिषद व स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया.

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शहर में सड़क किनारे अतिक्रमण पर कार्रवाईफारबिसगंज.शहर के लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिये एसडीओ शैलजा पांडेय के निर्देश पर नगर परिषद व स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. नप व स्थानीय प्रशासन ने शहर के सुभाष चौक के समीप अवस्थित सरयू मिश्र मुख्य बस पड़ाव के परिसर से अतिक्रमण हटाने का अभियान का शुरुआत की गयी. इसके बाद शहर के सुभाष चौक, मार्केटिंग यार्ड रोड, पोस्ट ऑफिस चौक सदर रोड, स्टेशन चौक, लक्ष्मी नारायण पथ सहित अन्य मार्गों तक सड़क के दोनों किनारे फुटपाथ पर किये गये अवैध अतिक्रमण को हटाया.

हालांकि नप व स्थानीय प्रशसान के कड़े रुख के कारण सड़क के दोनों किनारे अवैध अतिक्रमण करने वाले लोग खुद भी अतिक्रमण हटाते देखे गये. यही नहीं अतिक्रमण को हटाने में आना कानी करने वाले लोगों से नप प्रशासन सख्ती से पेश आया व उनसे जुर्माना भी वसूला. बताया जाता है कि अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान लगभग 05 हजार रुपये जुर्माना की राशि नप प्रशासन ने वसूल करते हुए पुनः अतिक्रमण करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी. इस दौरान एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा, नप ईओ सूर्यानंद सिंह, नप स्वच्छता पदधिकारी वंदना भारती, बीडीओ संजय कुमार, सीओ चंद्रशेखर कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुधांशु कुमार, स्थानीय थाना के पुलिस पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह, राजनंदनी सिन्हा, नप के प्रभारी प्रधान सहायक कामख्या नारायण उर्फ कुंदन सिंह, प्रभारी नाजिर आर्यन कुमार राय, नप कर्मचारी संघ सचिव सह स्वच्छता पर्यवेक्षक सूरज कुमार सोनू, गजेंद्र प्रसाद सिंह, सुवेश पासवान सहित अन्य नप कर्मी व पुलिस बल शामिल थे.

तीन दिनों से लगातार हो रही बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक नहीं, पहुंच रहे सीओ

प्रमुख कार्यालय में बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित

कुर्साकांटा.प्रमुख कार्यालय में प्रमुख प्रतिनिधि की मौजूदगी में बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक हुई, लेकिन सीओ लगातार तीसरे दिन बैठक से अनुपस्थित रहे. इससे अनुश्रवण समिति की बैठक बेनतीजा ही रही. बैठक में मौजूद प्रमुख प्रतिनिधि सुशील कुमार सिंह ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में आयी विनाशकारी बाढ़ से प्रखंड के कई गांव के ग्रामीणों के घर आंगन में पानी फैल गया था. अंचल कार्यालय ने प्रखंड के 13 पंचायतों के विरुद्ध महज दो पंचायत को ही बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया. इसके साथ हीं घोषित पंचायतों में भी बाढ़ पीड़ित परिवार को दरकिनार करते हुए सूची के उस लाभार्थी का नाम है जिसकी कुछ भी क्षति नहीं हुई है. प्रमुख प्रतिनिधि ने बताया कि बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक तीन दिनों से लगातार आयोजित की जा रही है, जिससे बाढ़ पीड़ित परिवार बाढ़ आपदा राहत राशि से वंचित नहीं रहें. पर सूचना के बावजूद सीओ आलोक कुमार तीन दिनों से कार्यालय से गायब हैं. प्रमुख प्रतिनिधि ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के लगभग छह पंचायतों में बाढ़ आयी थी, लेकिन अन्य सात पंचायतों में आंशिक बाढ़ थी. वहीं आंशिक बाढ़ प्रभावित पंचायतों को आंशिक सूची में शामिल नहीं करना बाढ़ प्रभावित परिवारों को लेकर दुःखद है. अंचल अधिकारी की मनमाने रवैया के कारण प्रखंड के सैकड़ों महादलित परिवार जिसके घर आंगन में तीन से चार दिन पानी जमा था. वैसे परिवार को भी तैयार बाढ़ आपदा सूची में जगह नहीं मिलना चिंता का विषय है. मौके पर दर्जनों पंचायत समिति सदस्य मौजूद थे.

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