नम आंखों से दी मां काली को विदाई

Updated at : 02 Nov 2024 9:04 PM (IST)
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नम आंखों से दी मां काली को विदाई

सख्त थी सुरक्षा व्यवस्था

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फोटो-13-मूर्ति विसर्जन करते

प्रतिनिधि,भरगामाशुक्रवार को मां काली को प्रखंड भर में नम आंखों से विदाई दी गयी. विसर्जन के दौरान काली मां के जयकारे से माहौल गुंजायमान हो उठा. श्रद्धालुओं ने विसर्जन से पहले मां से प्रार्थना कर सुख-शांति की कामना की. इसके बाद अबीर गुलाल लगाकर विसर्जन के लिए निकले. मां के प्रतिमाओं को शांतिपूर्ण माहौल में कंधे पर लेकर विसर्जन किया गया. इस दौरान भक्तिमय गीतों के साथ झूमते गाते हुए विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार को देर रात तक चलता रहा. इसके पूर्व भरगामा बाजार काली मंदिर,सिमरबनी बाजार काली मंदिर,आदिरामपुर,खजुरी,भटगामा,थरवापट्टी सहित सभी पूजा पंडालों में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां काली की पूजा हुई. इस अवसर पर पूरे प्रखंड में उत्साह का माहौल बना रहा. हर हाल में शांति पूर्ण माहौल में विसर्जन कराने को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. भरगामा थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस जवान विसर्जन यात्रा की निगरानी कर रहे थे.

————–प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले घुड़सवार पुरस्कृतफोटो-14- शनिवार को रघुनाथपुर में आयोजित घोड़ा रेस.

प्रतिनिधि भरगामा

प्रखंड के रघुनाथपुर पुर गांव स्थित मध्य विद्यालय में गोवर्धन पूजा के अवसर पर नवयुवक संघ के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय घुड़दौड़ का आयोजन हुआ. प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अररिया,पुर्णिया, सुपौल, मधेपुरा जिला के प्रतिभागी अपने अपने घोड़ों के साथ पहुंचे थे. प्रतियोगिता में कुल 50 घोड़ों ने भाग लिया. तीन राउंड में घुडदौड कराया गया. जिसमें घीबहा के वशीकुर्र रहमान के घोड़े ने ए ग्रुप व सी ग्रूप मे प्रथम स्थान प्राप्त किया. जबकि, बी ग्रूप मे प्रथम स्थान पर रघुनाथपुर उत्तर के बिनोद यादव के घोड़े ने कब्जा जमाया. आयोजन कमेटी की ओर से प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले घुड़सवार को ट्राफी के साथ ही अन्य पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया. बताते चलें कि, प्रतियोगिता तीन भागों में बांटा गया था.

प्रतियोगिता में मायने नहीं रखता जीत-हार

प्रतियोगिता का उद्घाटन सांसद पप्पू यादव ने फीता काटकर किया. कहा कि ऐसी प्रतियोगिता सूबे के हर जिले व गांवों में होनी चाहिए. ताकि, पारंपरिक प्रतियोगिता के बारे में युवा पीढ़ी जान सके. कहा कि प्रतियोगिता में जीत-हार मायने नहीं रखता है. विशिष्ट अतिथि राजेश रंजन उर्फ पप्पु यादव ने कहा कि घुड़दौड़ प्रतियोगिता विलुप्त होने के कगार पर है. इसे बचाने के लिए ऐसी प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देना जरूरी है.

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