अररिया में स्ट्रॉबेरी की खेती से बदली जिंदगी, अब्दुल रहमान को मिला उत्कृष्ट कृषक पुरस्कार, सालाना 22-23 लाख की आमदनी
स्ट्रॉबेरी की खेती में बेहतर करने वाले को किया गया सम्मानित | Prabhat Khabar Network
अररिया जिले के किसान मो. अब्दुल रहमान ने पारंपरिक खेती छोड़कर स्ट्रॉबेरी की खेती अपनाई और सालाना 22-23 लाख रुपये की शुद्ध कमाई की. उनकी इस सफलता ने अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जिससे जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती तेजी से बढ़ रही है.
Araria News: अररिया जिले के एक किसान ने यह साबित कर दिया कि यदि खेती में नई तकनीक और सही मार्गदर्शन अपनाया जाए, तो कम जमीन से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है. प्रगतिशील किसान मो. अब्दुल रहमान को स्ट्रॉबेरी की खेती में उल्लेखनीय सफलता के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के स्थापना दिवस समारोह में “उत्कृष्ट कृषक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया. पारंपरिक धान और मक्का की खेती छोड़कर उन्होंने 2021 में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की थी और आज इसी फसल से उन्हें हर साल लगभग 22 से 23 लाख रुपये की शुद्ध आमदनी हो रही है.
अब्दुल रहमान की सफलता अब अररिया के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है. जिस जिले में कुछ वर्ष पहले तक स्ट्रॉबेरी की खेती लगभग नहीं के बराबर थी, वहां अब कई किसान इस नकदी फसल की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं.
पारंपरिक खेती छोड़कर अपनाया नया रास्ता
मो. अब्दुल रहमान वर्ष 2021 से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह फसल क्षेत्र के लिए नई थी, इसलिए चुनौतियां भी थीं. लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र, अररिया के वैज्ञानिकों की तकनीकी सलाह और प्रशिक्षण ने उन्हें इस खेती को सफल बनाने में महत्वपूर्ण मदद की.
वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में उन्होंने आधुनिक खेती तकनीक, उन्नत प्रजातियों और बेहतर प्रबंधन पद्धतियों को अपनाया, जिससे कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन संभव हो सका.
स्ट्रॉबेरी से सालाना 22-23 लाख रुपये की शुद्ध आय
कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार अब्दुल रहमान को स्ट्रॉबेरी की खेती से हर वर्ष लगभग 22 से 23 लाख रुपये की शुद्ध आमदनी हो रही है. यह आय पारंपरिक धान और मक्का की खेती की तुलना में कई गुना अधिक है.
उनकी सफलता इस बात का उदाहरण मानी जा रही है कि यदि किसान बाजार की मांग के अनुसार उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती करें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है.
अररिया में स्ट्रॉबेरी खेती की नई शुरुआत
अररिया जिले के लिए स्ट्रॉबेरी की खेती एक नई पहल मानी जा रही है. पहले यहां इस फसल की खेती बहुत कम होती थी, लेकिन अब्दुल रहमान की सफलता के बाद स्थिति बदलने लगी है.
स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने पहली बार देखा कि जिले की जलवायु और मिट्टी में भी स्ट्रॉबेरी की खेती लाभदायक हो सकती है. यही कारण है कि अब कई किसान इस फसल को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं.
अन्य किसान भी ले रहे प्रशिक्षण
अब्दुल रहमान की उपलब्धि से प्रेरित होकर जिले के कई किसान कृषि विज्ञान केंद्र, अररिया से प्रशिक्षण ले रहे हैं. वैज्ञानिक किसानों को स्ट्रॉबेरी की उन्नत खेती, पौध प्रबंधन, सिंचाई, मल्चिंग और विपणन की जानकारी दे रहे हैं.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को उचित प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण पौधे और बाजार से बेहतर जुड़ाव मिले, तो स्ट्रॉबेरी जैसी नकदी फसल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती है.
Araria News: वैज्ञानिकों ने बताया आय बढ़ाने का प्रभावी मॉडल
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार स्ट्रॉबेरी जैसी उद्यानिक फसलें किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं. इससे न केवल प्रति एकड़ उत्पादन मूल्य बढ़ता है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं.
अब्दुल रहमान को मिला उत्कृष्ट कृषक पुरस्कार इस बात का संकेत है कि नवाचार, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक खेती को अपनाने वाले किसान भविष्य की कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
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लेखक के बारे में
By नवीन कुमार
नवीन कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. फोटोग्राफी में रुचि रखते हैं.
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