फारबिसगंज में नेत्रदान का प्रेरक उदाहरण, स्व. तारकेश्वर प्रसाद भगत के परिवार को संस्थाओं ने किया सम्मानित

Updated:
विज्ञापन

श्रद्धासुमन अर्पित करते स्थानीय लोग. | Prabhat Khabar Network

फारबिसगंज में स्वर्गीय तारकेश्वर प्रसाद भगत के परिवार ने निधन के बाद नेत्रदान कर समाज को मानवता का अनमोल संदेश दिया है. दुख की इस घड़ी में उठाया गया यह कदम कई दृष्टिहीनों के जीवन में रोशनी लाएगा.

विज्ञापन

Araria News: फारबिसगंज में स्वर्गीय तारकेश्वर प्रसाद भगत के निधन के बाद उनके परिवार द्वारा लिया गया नेत्रदान का निर्णय समाज के लिए प्रेरणा बन गया. संपिंडन के दिन दधीचि देहदान समिति, तेरापंथ युवक परिषद और कलवार सेवा ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने उनके आवास पहुंचकर परिजनों को सम्मानित किया. संस्थाओं ने कहा कि गहरे शोक के बीच लिया गया यह निर्णय केवल एक परिवार की संवेदनशीलता नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का ऐसा उदाहरण है जो समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम करेगा.

परिजनों का सम्मान अंगवस्त्र, प्रशस्ति-पत्र और नेत्रदान प्रमाण-पत्र देकर किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नेत्रदान किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी ला सकता है और ऐसे निर्णय समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

संपिंडन के दिन पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

फारबिसगंज स्थित आवास पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले स्व. तारकेश्वर प्रसाद भगत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उनकी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा देवी, पुत्र विवेक भगत और विक्की भगत सहित परिवार के अन्य सदस्यों को सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि शोक की घड़ी में भी परिवार ने मानव सेवा को प्राथमिकता देकर एक ऐसा निर्णय लिया है, जिसकी जितनी सराहना की जाए उतनी कम है.

नेत्रदान को बताया मानवता की सेवा

दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष अजातशत्रु अग्रवाल ने कहा कि स्व. तारकेश्वर प्रसाद भगत का नेत्रदान समिति के माध्यम से संपन्न होने वाला 27वां नेत्रदान है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण है.

उन्होंने कहा कि परिवार ने दुःख की घड़ी में भी मानव सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया है और यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायी रहेगा.

समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के बिहार नेत्रदान प्रभारी आशीष गोलछा ने कहा कि नेत्रदान महादान है और भगत परिवार का यह निर्णय अनेक लोगों को इस दिशा में प्रेरित करेगा.

तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष पंकज नाहटा और कलवार सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष सीताराम भगत ने भी परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है.

Araria News: क्यों महत्वपूर्ण है नेत्रदान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नेत्रदान के माध्यम से कॉर्निया प्रत्यारोपण संभव होता है, जिससे कई दृष्टिहीन लोगों को दृष्टि मिलने की संभावना बढ़ जाती है. भारत में कॉर्निया की आवश्यकता और उपलब्धता के बीच अभी भी बड़ा अंतर है. ऐसे में स्वैच्छिक नेत्रदान करने वाले परिवार समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.

फारबिसगंज में हुई यह पहल केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि लोगों को नेत्रदान के महत्व से जोड़ने का प्रयास भी मानी जा रही है.

कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में बछराज राखेचा, मांगीलाल गोलछा, विनोद सरावगी, राहुल ठाकुर, पवन मिश्रा, इंजी. आयुष अग्रवाल, विनोद तिवारी, राजू भगत, नंद गोपाल जायसवाल, संतोष चौधरी, शिवानंद भगत, डोमन भगत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

Also Read: बांकीपुर में हार के बाद BJP में मंथन शुरू, CM सम्राट चौधरी अचानक पहुंचे प्रदेश कार्यालय, बंद कमरे में चल रही है बैठक

Also Read: मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं', विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं


विज्ञापन
विपुल विश्वास

लेखक के बारे में

By विपुल विश्वास

विपुल विश्वास प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिकटी (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन