आसान नहीं कैशलेस इकॉनोमी के सपने को साकार करना
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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अररिया : कैशलेस इकॉनोमी को मुद्दे को लेकर अलग-अलग पक्षों की राय अलग-अलग हो सकती है. ऐसा देखा भी जा रहा है. पर जिले के संदर्भ में इस जमीनी हकीकत से इनकार की गुंजाइश नहीं बनती कि कैशलेस ट्रांजेक्शन के सपने को साकार करना बहुत आसान नहीं होगा. सबसे बड़ी अड़चन जिले में आधुनिक बैंकिंग […]
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अररिया : कैशलेस इकॉनोमी को मुद्दे को लेकर अलग-अलग पक्षों की राय अलग-अलग हो सकती है. ऐसा देखा भी जा रहा है. पर जिले के संदर्भ में इस जमीनी हकीकत से इनकार की गुंजाइश नहीं बनती कि कैशलेस ट्रांजेक्शन के सपने को साकार करना बहुत आसान नहीं होगा. सबसे बड़ी अड़चन जिले में आधुनिक बैंकिंग सुविधा का अभाव है. जिले में जहां लगभग 30 लाख की आबादी के लिए केवल 127 बैंक शाखाएं हैं. वहीं एटीएम की संख्या सिर्फ छह दर्जन के करीब हैं.
मिली जानकारी के अनुसार जन-धन योजना के तहत जिले में भी बड़ी संख्या में बैंक खाते खुले हैं. इसके बावजूद जिले का हर घर अब तक बैंक से नहीं जुड़ पाया है. वहीं पेटीएम, एसबीआइ सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक वैलेट से लेन-देन की बात तो दूर की बात है, जिले का तो यह हाल है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली जिले की बड़ी आबादी को एटीएम कार्ड के इस्तेमाल के लिए 10-10 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता है. जबकि वैसे एटीएम कार्ड धारकों की भी अच्छी खासी संख्या है, जो कार्ड से लेन देन करना नहीं सीख पाये हैं. उन्हें राशि निकासी के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है.
जिले में उपलब्ध एटीएम सुविधा को लेकर भी कई तरह की समस्याएं हैं. अव्वल तो ये कि जिले में आवश्यकता के मुकाबले एटीएम की संख्या ही बहुत कम है. जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक आरएस मुंडा से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की 35 शाखाएं सहित जिले में विभिन्न बैंकों की कुल 127 शाखाएं हैं. पर बैंक शाखाओं के मुकाबले एटीएम की संख्या बहुत कम हैं. बताया गया कि जिले में लगभग छह दर्जन ही एटीएम हैं. गौरतलब है कि पोस्ट ऑफिस तो दूर अब तक उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक ने जिले में एक भी एटीएम नहीं लगाया है. जिले में यूबीजीबी की कुल 30 शाखाएं हैं.
मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश एटीएम तीनों शहरी क्षेत्र अररिया, फारबिसगंज व जोगबनी में ही लगे हैं. एक अनुमान के मुताबिक तीनों शहरी क्षेत्रों में कुल मिला कर 40 के करीब एटीएम लगे हैं. इस हिसाब से बाकी के लगभग 750 राजस्व गांव के लिए महज 30 एटीएम ही हैं.
समस्या केवल यही नहीं कि एटीएम की संख्या कम है. एक बड़ी समस्या एटीएम के संचालन के प्रति बैंकों द्वारा बरती जाने वाली कोताही भी है. आवश्यक रखरखाव के कारण एटीएम अक्सर खराब होते रहते हैं. आलम ये है कि वर्तमान समय में जिला मुख्यालय में ही यूको बैंक व एक्सिस बैंक का एक एटीएम महीनों से बंद पड़ा है. बताया गया कि यूको बैंक के एटीएम में लीज लाइन की कुछ समस्या है. कई महीनों से बंद पड़े एक्सिस बैंक के एक एटीएम के बारे में कहा जाता है कि बैटरी चोरी होने के कारण बंद कर दिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार लगभग साल भर पूर्व नौरतन चौक पर लगा एसबीआइ का एटीएम लंबे समय तक केवल इस लिए काम नहीं कर पाया कि बिल भुगतान नहीं किये जाने के कारण बिजली कनेक्शन काट दिया गया था.
वहीं सब कुछ ठीक ठाक रहने के बावजूद अक्सर एटीएम कैशलेस हो जाते हैं. ये समस्या बहुत पुरानी है. एक बड़ी दिक्कत ये भी है कि जिला मुख्यालय के एटीएम भी शाम तक ही खुले रहते हैं. देर रात इमरजेंसी पड़ने पर एटीएम से राशि की निकासी मुमकिन नहीं होती है.
आधुनिक बैंकिंग सुविधा में बहुत पिछड़ा है जिला
जिले भर में अब तक लग पाये हैं महज छह दर्जन एटीएम
60 प्रतिशत से अधिक एटीएम हैं शहरी क्षेत्रों में
सूरते हाल
जिले में कल पंचायत 218
जिले में कुल राजस्व गांव 250
जिले की कुल आबादी 30 लाख
जिले में कुल बैंक शाखाएं 127
जिले में एटीएम की संख्या छह दर्जन
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