अररिया : मनरेगा के कनीय अभियंता घूस लेते गिरफ्तार

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निगरानी की टीम ने रंगे हाथ दबोचा गिरफ्तार जेई सिकटी प्रखंड में थे पदस्थापित मुंगेर के गोगरी जमालपुर के रहनेवाले हैं रविशंकर प्रसाद अररिया : सिकटी प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता को निगरानी विभाग ने मंगलवार को उनके आवास से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ धर दबोचा. निगरानी डीएसपी मुन्ना प्रसाद […]

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निगरानी की टीम ने रंगे

हाथ दबोचा
गिरफ्तार जेई सिकटी प्रखंड में थे पदस्थापित
मुंगेर के गोगरी जमालपुर के रहनेवाले हैं रविशंकर प्रसाद
अररिया : सिकटी प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता को निगरानी विभाग ने मंगलवार को उनके आवास से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ धर दबोचा. निगरानी डीएसपी मुन्ना प्रसाद के नेतृत्व में गठित निगरानी की टीम द्वारा गिरफ्तार कनीय अभियंता रविशंकर प्रसाद से पूछताछ किये जाने के बाद उसे अपने साथ पटना ले गयी.
कमरे से 37 हजार रुपये मिले : कनीय अभियंता को गिरफ्तार किये जाने के बाद उसके कमरे की तलाशी ली गयी. इसमें दो कमरों से कुल 37 हजार रुपये भी अलग से बरामद किये गये.
अररिया : मनरेगा के…
इसके अलावा निगरानी की टीम ने उनके आवास से कुछ योजनाओं से संबंधित कागजात भी जब्त किये गये हैं, जिन्हें निगरानी टीम अपने साथ पटना ले गयी. इधर मनरेगा के कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह को भी डाकबंगला बुला कर आवश्यक पूछताछ की गयी.
क्या है मामला
सिकटी प्रखंड के ग्राम पंचायत भिड़भिड़ी के लेबर मेठ सदानंद पासवान ने 21 जून को पटना जाकर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में एक आवेदन दिया था. इसमें कहा गया था कि मनरेगा योजना के तहत ढिठौरा मोड़ से मजरख सीमा तक एक कच्ची सड़क में मिट्टी भरायी का काम किया गया है. इस योजना की प्राक्कलित राशि चार लाख 49 हजार रुपये है. कुछ काम करने के बाद एक लाख 51 हजार रुपये का भुगतान किया गया था. शेष एक लाख 23 हजार रुपये का मापी पुस्त करने व इसके भुगतान के लिए कनीय अभियंता द्वारा बतौर रिश्वत 15 हजार रुपये की मांग की जा रही है. चूंकि यह मजदूरों का पैसा है इसलिए मेठ ने रिश्वत देने से इनकार किया और इसके लिए निगरानी विभाग को आवेदन दिया था. आवेदन के आलोक में निगरानी विभाग ने मामले के सत्यापन के लिए रविवार को निगरानी के एक एएसआइ मो हकीमउद्दीन को अररिया भेजा गया. मामले का सत्यापन होने के बाद डीएसपी मुन्ना प्रसाद की अगुवाई में एक धावा दल का गठन किया गया.
धावा दल के सदस्यों ने मंगलवार के अहले सुबह जिला मुख्यालय के शिवपुरी वार्ड नंबर नौ में एक किराये के मकान में रह रहे कनीय अभियंता के घर जाल बिछाया गया. परिवादी सदानंद पासवान ने ज्योंही रिश्वत के रूप में 15 हजार रुपये कनीय अभियंता रविशंकर प्रसाद को दिया, निगरानी के धावा दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिश्वत की राशि के साथ कनीय अभियंता को धर दबोचा. धावा दल ने द्वारा उसे डाकबंगला लाया, जहां उनसे लंबी पूछताछ की गयी. रविशंकर प्रसाद मूलत: मुंगेर जिले के गोगरी जमालपुर के रहने वाले हैं. पूछताछ के बाद निगरानी की टीम उन्हें अपने साथ लेकर पटना चली गयी. धावा दल में पुनि श्यामबाबू प्रसाद, ईश्वर प्रसाद, संजीव कुमार व अन्य सुरक्षा कर्मी शामिल थे.
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