कहां गयी 50 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान की राशि

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मजदूरों की हड़ताल. एकरारनामा के अनुसार मजदूरी मांग रहे मजदूर सफाई कर्मियों की हड़ताल ने अब नया मोड़ ले लिया है. नप द्वारा एजेंसी को मजदूरों की राशि के अलावा लाभांश भी दिया जा रहा था. टैक्स नप को देना था. बतौर टैक्स मजदूरों की मजदूरी काटे जाने की बात झूठ िनकली. अररिया : जदूरी […]

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मजदूरों की हड़ताल. एकरारनामा के अनुसार मजदूरी मांग रहे मजदूर

सफाई कर्मियों की हड़ताल ने अब नया मोड़ ले लिया है. नप द्वारा एजेंसी को मजदूरों की राशि के अलावा लाभांश भी दिया जा रहा था. टैक्स नप को देना था. बतौर टैक्स मजदूरों की मजदूरी काटे जाने की बात झूठ िनकली.
अररिया : जदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रही सफाईकर्मियों की हड़ताल के बाद सफाई एजेंसी का एकरारनामा रद्द हो गया. नयी व्यवस्था होने तक नप खुद ही शहर की सफाई व्यवस्था करायेगा. एक बात जो आश्चर्यजनक है कि वर्ष 2014-15 में कार्य कर रही एजेंसी का जब एकरारनामा खत्म हुआ तो नये वर्ष 2015-16 में नयी एजेंसी के साथ एकरारनामा दोगुनी राशि देकर की गयी. ऐसे में नप ने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 50 लाख की अधिक राशि का भुगतान किया.
यही कारण है कि सफाईकर्मियों की हड़ताल के बाद इस मामले ने भी तूल पकड़ लिया है और अब पूरे मामले की जांच की मांग उठने लगी है. मजदूरों का कहना है कि मजदूरी दर में बढ़ोतरी के बावजूद भी मनोकामना एजेंसी के द्वारा मजदूरों को 189 रुपये से ही मजदूरी का भुगतान किया गया.
वर्ष 2014-15 में खर्च हो रहा था 3.21 लाख
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014-15 में शिवम जन स्वास्थ्य संगठन के द्वारा काम किया जा रहा था. इस समय 3.21 लाख का भुगतान किया जाता था. शिवम को इसी राशि में नप की गाड़ी का खर्च सहित अन्य भुगतान भी स्वयं करना था. शिवम के द्वारा 65 मजदूरों से सफाई का काम लिया जा रहा था. मजदूर को 180 रुपये मजदूरी दी जा रही थी, जबकि लगभग 70 हजार रुपये नप को गाड़ी भाड़ा मद में दिया जा रहा था.
वर्ष 2015-16 में हर माह खर्च हो रहा था 7.09 लाख
रविवार को नप के द्वारा मनोकामना व नप के बीच कराये गये एकरारनामा की कॉपी सफाई कर्मी को उपलब्ध करायी गयी. कॉपी मिलने के बाद ही भाकपा के वरिष्ठ नेता डॉ एसआर झा ने बताया कि मनोकामना को प्रतिमाह 7 लाख 09 हजार 820 रुपये के भुगतान में 80 मजदूरों की मजदूरी के बाद उसे संवेदक लाभांश के तौर पर 63,120 रुपये का अतिरिक्त लाभ दिया जाता था. बावजूद टैक्स के रूप में मजदूरों की राशि काटे जाने की बात भी झूठ निकली जबकि टैक्स भुगतान भी नप को ही करना है. एजेंसी को एकरारनामा को रद्द कर दिये जाने से नप अपना पीछा नहीं छुड़ा सकता है.
वर्ष 2015-16 में मजदूरों की मजदूरी के दर में हुई बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2014-15 में शिवम जन स्वास्थ्य संगठन के निविदा संख्या 03/2013-14 के एकरारनामा के अनुसार साफ-सफाई के विपत्रों का भुगतान 13 वें वित्त आयोग की अनुशंसा मद से किये जाने का उल्लेख है, जिसमें साफ-सफाई में निर्धारित मापदंड व किये गये कार्य दिवस का भुगतान करने का भी उल्लेख है. साथ ही निविदादाता को नप के वाहन आदि का प्रयोग करने पर राशि की कटौती निर्वाचन विभाग द्वारा निर्धारित लेबर सेस की कटौती के उपरांत किये जाने का उल्लेख किया गया है. जबकि मनोकामना एजेंसी से किये गये एकरारनामा में निर्धारित राशि का भुगतान सिर्फ मजदूरों के मद में किये जाने का उल्लेख है.
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