मिर्जापुर में आवास योजना के लाभुकों से हुई अवैध वसूली, क्षेत्र में गृह निर्माण कार्य हो रहा है प्रभावित

Updated at : 21 Jan 2020 8:04 AM (IST)
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मिर्जापुर में आवास योजना के लाभुकों से हुई अवैध वसूली, क्षेत्र में गृह निर्माण कार्य हो रहा है प्रभावित

वार्ड छह के लाभुकों ने कहा-बिचौलिया पप्पू व आवास सहायक के पति ने वसूला दस हजार रुपये अवैध उगाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सरकारी घोषणा बेअसर बिचौलियों का बढ़ने लगा मनोबल कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, सही लाभुक के बदले दूसरे के खाते में भेज दी ग यी राशि रानीगंज : प्रधानमंत्री आवास योजना में […]

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  • वार्ड छह के लाभुकों ने कहा-बिचौलिया पप्पू व आवास सहायक के पति ने वसूला दस हजार रुपये
  • अवैध उगाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सरकारी घोषणा बेअसर बिचौलियों का बढ़ने लगा मनोबल
  • कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, सही लाभुक के बदले दूसरे के खाते में भेज दी ग यी राशि
रानीगंज : प्रधानमंत्री आवास योजना में व्याप्त अनियमितता के कारण आवास निर्माण कार्य अधर में लटकने लगा है. क्षेत्र के लगभग सभी पंचायतों में संबंधित योजना में अवैध उगाही का मामला चरम पर है. ताजा मामला मिर्जापुर पंचायत के वार्ड संख्या छह में सामने आया है. इस वार्ड के लगभग सभी लाभुकों से तत्कालीन आवास सहायक के पति व स्थानीय बिचौलिया की मिलीभगत से मनमाना वसूली की गयी है. इसमें एक लाभुक ऐसे हैं, जिनके नाम से आवंटित आवास योजना की राशि किसी दूसरे व्यक्ति के खाते के माध्यम से गबन करने की कोशिश की गयी.
कथित फर्जीवाड़ा का पता लगते ही पीड़ित न्याय के लिए महीनों चक्कर लगाते रहे. बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए गबन करने वाले लोगों ने समझौता करना ही मुनासीब समझा. पहली व दूसरी किस्त की राशि तो किसी तरह खाते से निकाल कर लाभुक को उपलब्ध करा दी गयी, लेकिन अंतिम किस्त की राशि अब तक पीड़ित को नहीं मिल पायी है. इस बीच लाभुक को दस हजार रुपये बतौर रिश्वत देनी पड़ी.
वार्ड छह निवासी जयलाल सिंह के पुत्र मकुन सिंह ने कहा कि गलत तरीके से फर्जी कागजात के आधार पर उनके नाम से आवंटित आवास वार्ड पांच के मकुन सिंह को दे दिया गया. जानकारी मिलने पर काफी प्रयास के बाद मकुन सिंह की पत्नी संतोषी देवी के खाता संख्या 35139308791 में राशि लौटाया गया. पहली किस्त के बाद दूसरी किस्त में भी यही हाल हुआ. फिर से चक्कर लगाने के बाद रूपये दिया. अब तीसरे किस्त की राशि किसके पास है. कोई पता नहीं चल रहा है.
कई लाभुकों ने लगाया वसूली का आरोप: इधर, मसोमात भुलो देवी ने कहा कि उनके पुत्र कमल कुमार सिंह की पत्नी धनवंती देवी के नाम से आवास योजना के तहत प्रथम किस्त प्राप्त हुई है. इसमें से दस हजार रुपये गांव का बिचौलिया पप्पू यादव व पूर्व आवास सहायक मोनिका राय के पति ने जबरन ले लिया.
लक्ष्मी प्रसाद सिंह की पत्नी बिंदुला देवी, धनश्याम सिंह की पत्नी कंचन देवी, बालबोध सिंह की पत्नी मैनी देवी ने भी आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर दस हजार रुपये अवैध उगाही करने का आरोप लगा. रत्नमाला देवी ने भी कहा कि उनकी पुत्री मीरा देवी से भी दस हजार रुपये वसूली की गयी है. ऐसे में गृह निर्माण कार्य पर सीधा असर पड़ने की बात पीड़ितों ने कही.
मौके पर पीड़ित लाभुकों ने अवैध उगाही के खिलाफ प्रदर्शन भी किया. स्थानीय वार्ड सदस्य ने भी अपनी बेबसी बताते कहा कि अवैध उगाही के खिलाफ शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. हालांकि पहुंसरा पंचायत में गड़बड़ी में संलिप्तता उजागर होने के बाद आवास सहायक मोनिका के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है. फिलहाल उनकी जगह नया आवास सहायक मिर्जापुर पंचायत को मिल गया है.
31 तक आवास योजना के बकाये किस्त भुगतान की अंतिम तिथि निर्धारित
रानीगंज : समय पर आवास निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने वाले क्षेत्र के पांच हजार से अधिक लाभुकों के बकाये किस्त की राशि पर ग्रहण लगने वाला है. बकाया किस्त की राशि भुगतान को लेकर अंतिम तिथि 31 जनवरी तक निर्धारित है. ऐसे में महज दस दिनों में कितनी संख्या में घर बन पायेगा. इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है. ऐसे तो गृह निर्माण कार्य प्रभावित होने को लेकर कई कारण गिनाये जा रहे हैं.
लेकिन सबसे प्रमुख कारण पर गौर करें, तो आवास योजना में व्यापक पैमाने पर लाभुको से हो रहे अवैध वसूली के कारण पक्का घर का सपना अधूरा पड़ा हुआ है. वहीं योजना का लाभ दिलाने वाले लोगों को नजराना देने के बाद जो राशि बच जाती है, इस राशि को ज्यादातर लाभुक अपने निजी कार्यों में खर्च कर देते हैं. इसका सीधा असर योजना की सफलता पर पड़ने लगा है.
एक तरफ अवैध वसूली, तो दूसरी तरफ घर बनाने का सरकारी दबाब के बीच लाभुक बेबस नजर आ रहे हैं. जानकारी अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में क्षेत्र के सभी पंचायतों से कुल 5518 लाभुक ऐसे हैं, जिनका गृह निर्माण कार्य अधूरा है, या फिर घर ही नहीं बना पाये हैं. इसमें लगभग तीन हजार अनुसूचित जाति व जनजाति के लाभुक शामिल हैं. मझुआ पूरब, मझुआ पश्चिम, कोशकापुर उत्तर, कोशकापुर दक्षिण, परिहारी, कालाबलुआ, धोबनियां व भोड़हा सहित विभिन्न पंचायतों के लाभुकों की संख्या सर्वाधिक है.
बीडीओ राजा राम पंडित ने कहा कि पंचायत वार सूची तैयार कर गृह निर्माण को लेकर सघन अभियान चलाया जा रहा है. 31 जनवरी तक ही बकाया किस्त के भूगतान को लेकर अंतिम तिथि निर्धारित है. 31 जनवरी तक बकाये किस्त का भुगतान नहीं होने की स्थिति में फिर कभी भी ऐसे लाभुकों को बकाया किस्त का भुगतान नहीं हो सकता है.
समय पर आवास निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने वाले हजारों लाभुकों के बकाये किस्त पर लगने वाला ग्रहण
क्षेत्र के सभी पंचायतों से कुल 5518 लाभुक ऐसे हैं, जिनका गृह निर्माण कार्य अधूरा है, बाद में फिर कभी नहीं मिलेगा लाभ
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