गोपालगंज के सबेया हवाई अड्डे से जल्द शुरू होगी हवाई सेवा, केंद्र ने दी स्वीकृति

Updated at : 13 Jul 2021 11:34 AM (IST)
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गोपालगंज के सबेया हवाई अड्डे से जल्द शुरू होगी हवाई सेवा, केंद्र ने दी स्वीकृति

सबेया हवाई अड्डे से उड़ान सेवा चालू होने की उम्मीद बढ़ गयी है. बंद पड़े हवाई अड्डे को चालू करने के लिए गोपालगंज के सांसद सह जदयू के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ आलोक कुमार सुमन की पहल पर केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री हरदीप एस पुरी ने स्वीकृति दे दी है.

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गोपालगंज. सबेया हवाई अड्डे से उड़ान सेवा चालू होने की उम्मीद बढ़ गयी है. बंद पड़े हवाई अड्डे को चालू करने के लिए गोपालगंज के सांसद सह जदयू के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ आलोक कुमार सुमन की पहल पर केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री हरदीप एस पुरी ने स्वीकृति दे दी है.

सबेया हवाई अड्डे से ‘उड़े देश का आम आदमी’ योजना के तहत उड़ान सेवा शुरू होगी. सांसद की ओर से लोकसभा के शून्य काल हवाई अड्डे को विकसित करने और घरेलू स्तर पर उड़ान सेवा शुरू करने की मांग की गयी थी.

सांसद ने बताया कि केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री द्वारा सबेया हवाई अड्डे को रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम ‘आरसीएस’- की स्वीकृति देते हुए उड़े देश का आम नागरिक योजना ‘उड़ान’ में हवाई अड्डे को शामिल किया गया है.

अब हवाई अड्डा को ‘उड़ान’ योजना के प्रावधानों के अनुसार विकसित करने के लिए आगे की कार्रवाई की जायेगी. सबेया हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार हो जाने से खाड़ी देश से आने व जाने वाले लोगों को घरेलू स्तर पर ही उड़ान सेवा का लाभ मिलेगा. साथ ही पर्यटन तथा व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा.

क्या है उड़ान योजना

उड़ान का फुल फॉर्म ‘उड़े देश का आम नागरिक’ होता है. इसके तहत उन्हें कम राशि में पांच सौ किमी की दूरी एक घंटे में तय करायी जायेगी. यह योजना लोगों को सुविधा प्रदान करने वाली योजना है. इसके तहत वो दूर की यात्रा भी कम पैसों में कर सकते हैं और हवाई जहाज में बैठने का अपना सपना भी पूरा कर सकते हैं.

सबेया एयरपोर्ट एक नजर में

  • हवाइपट्टी बना – 1868

  • एयरपोर्ट एकड़ में – 517

  • गोरखपुर एयरफोर्स कैंप से दूरी – 125 किमी

  • गोपालगंज से दूरी – 26 किमी

  • द्वितीय विश्वयुद्ध के समय हुआ था इस्तेमाल

रक्षा मंत्रालय का है सबेया हवाई अड्डा

अंग्रेजों ने 1868 में सबेया में 517 एकड़ जमीन पर इस हवाई अड्डे को बनाया था. चीन के नजदीक होने के कारण रक्षा के दृष्टिकोण से यह हवाई अड्डा काफी संवेदनशील था. आजादी के बाद रक्षा मंत्रालय ने इस हवाई अड्डे को ओवरटेक करने के बाद इसे विकसित करने की जगह उपेक्षित छोड़ दिया था.

क्या कहते हैं सांसद

डॉ आलोक कुमार सुमन ने कहा कि सांसद बनने के बाद से ही बंद पड़े सबेया हवाई हड्डा को स्वीकृति दिलाने के लिए प्रयासरत था. लोकसभा के शून्य अध्यक्ष के समक्ष हवाई अड्डे को चालू करने के लिए मांग रखी. केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री हरदीप एस पुरी ने इसकी स्वीकृति दे दी है. अब हवाई सेवा चालू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है.

Posted by Ashish Jha

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