भारत की न्याय व्यवस्था में पटना हाइकोर्ट का अहम योगदान : राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी
Updated at : 18 Apr 2015 2:01 PM (IST)
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पटना : बिहार की राजधानी पटना में आज पटना हाईकोर्ट का शताब्दी वर्ष मनाया गया. इस मौके पर हुए आयोजन में बिहार सरकार ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. राष्ट्रपति ने इस मौके पर पटना उच्च न्यायालय की सौवीं वर्षगांठ के लिए बिहार सरकार को बधाई दी. राष्ट्रपति ने […]
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पटना : बिहार की राजधानी पटना में आज पटना हाईकोर्ट का शताब्दी वर्ष मनाया गया. इस मौके पर हुए आयोजन में बिहार सरकार ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. राष्ट्रपति ने इस मौके पर पटना उच्च न्यायालय की सौवीं वर्षगांठ के लिए बिहार सरकार को बधाई दी.
राष्ट्रपति ने शताब्दी समारोह के मौके पर डाक टिकट भी जारी किया. प्रणब मुखर्जी ने अपने संबोधन में पटना हाईकोर्ट के इतिहास को याद करते हुए इसे भारतीय न्यायापालिका के लिए अहम मानदंड स्थापित करने वाला बताया.
इस मौके पर भारत के मुख्य न्ययाधीश एचएल दत्तू,राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी,बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय कानून न्याय मंत्री सदानंद गौड़ा, पटना हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता रह चुके केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और बिहार के मुख्य न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी उपस्थित थे.
राष्ट्रपति ने उच्च न्यायालय की स्थापना के समय को याद करते हुए कहा कि 1 दिसंबर 1913 में भारत के गर्वनर और वायसराय लार्ड चार्ल््स हार्डिन ने पटना हाईकार्ट की इमारत की नींव डाली थी. राष्ट्रपति ने संविधान में पहले संशोधन से लेकर पहले मौलिक अधिकार से संबंधित पहले अनुच्छेद में पटना हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण योगदान को याद किया.
भारतीय लोकतंत्र के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद कोयाद करते हुए उन्होंने बताया कि राजेंद्र प्रसाद ने पटना हाईकोर्ट से प्रैक्टिस शुरू की थी. राष्ट्रपति ने बिहार को सराहना करते हुए कहा कि बताया बिहार से तीन ऐसे न्यायाधीश हुए जो भारत के मुख्य न्यायाधीश बने. इनमें न्यायमूर्ति बीपी सिन्हा, एलएम शर्मा और न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा थे. राष्ट्रपति ने अपने भाषण में लंबित मामलों का निबटारा जल्द करके पटना हाईकोर्ट को और सुदृढ़ करने को कहा.
मौके पर उपस्थित भारत के मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने बताया कि पटना हाईकोर्ट मॉडल हाईकोर्ट के रूप में उभरकर आया है. उन्होंने पटना को महापुरुषों की धरती बताते हुए आर्याभट्ट, सम्राट अशोक, चाणक्य और गुरु गोविंद सिंह की कर्मभूमि बताया. उन्होंने कहा पटना हाईकोर्ट ने कई मानदंड स्थापित किये हैं. पटना हाईकोर्ट ने कानून का राज्य स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है. न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने कई अच्छे वकील दिया है जिन्होंने निर्भीक और साहसी वकालत की है.
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की बात कही. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पटना हाईकोर्ट के विकास के लिए हर संभव सहयोग करेगा. उन्होंने डॉ राजेंद्र प्रसाद को याद करते हुए पटना हाईकोर्ट के गौरान्वित इतिहास की सराहना की.
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