गिरे ओले, तेज हवा के साथ हुई 13.2 मिमी बारिश
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 21 Apr 2020 2:10 AM
रविवार को एक फिर से मौसम ने अपनेरंग किसानों को दिखा गया. तेज हवा के बीच हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. नुकसान के साथ गेहूं की कटनी पर ब्रेक लगा दिया है. रविवार की शाम चार बजे के बाद आसमान का रंग बदल गया. देखते ही देखते आसमां से जहां ओला बरसे, वही तेज हवा के बीच जमकर बारिश हुई.
गोपालगंज : रविवार को एक फिर से मौसम ने अपनेरंग किसानों को दिखा गया. तेज हवा के बीच हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. नुकसान के साथ गेहूं की कटनी पर ब्रेक लगा दिया है. रविवार की शाम चार बजे के बाद आसमान का रंग बदल गया. देखते ही देखते आसमां से जहां ओला बरसे, वही तेज हवा के बीच जमकर बारिश हुई. हवा, पानी और ओले गिरने का सिलसिला पूरी रात रुक-रुक कर जारी रहा. रविवार की शाम से पूरी रात मिलाकर जिले में औसतन 13.2 मिमी बारिश हुई. सर्वाधिक 25 मिमी बारिश सदर प्रखंड में हुई. इधर तेज हवा, ओले और बारिश ने किसानों को जमकर नुकसान पहुंचाया है. जिले में अभी भी 45 हजार हेक्टेयर से अधिक की कटनी बाकी है.
रविवार को बहुत से किसान कटनी किये थे. बारिश में भींगने के कारण उनकी काटी गयी फसल खेतों में पड़ी है, वहीं गेहूं की फसल का 20 से 25 फीसदी तक नुकसान हुआ है. नुकसान को लेकर किसान परेशान हैं. इधर बारिश के बाद सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री से सेल्सियस रहा, वहीं आसमां में बादलों का आना-जाना जारी रहा. मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी आसमान में बादल छाये रहेंगे तथा बुंदा-बांदी की संभावना बनी रहेगी.अब हुई बारिश तो किसान हो जायेंगे कंगालआसमान में बादलों को देख किसानों का कलेजा फट रहा है. अब यदि बारिश हुई तो किसानों का कंगाल होना तय है, क्योंकि पहले ही तीन बार की आंधी, पानी और ओला गेहूं की फसल को तहस-नहस कर चुका है.
इधर किसान अपनी बर्बादी पर माथा पीट रहें हैं, उधर मौसम ठीक होने का नाम नहीं ले रहा है. विगत दो माह में तीन बार आयी आंधी-पानी ओर भारी ओलावृष्टि से गेहूं के साथ-साथ आम-लीची की फसल बर्बाद को भी बर्बाद करके रख दिया है. मौसम ठीक नहीं हुआ तो उनकी मेहनत पर पानी फिरना तय है. ऐसे में किसान भगवान से मौसम ठीक होने की दुआ कर रहें हैं.फसल क्षति का हो आकलन, किसानों को मिले राहतथावे, पूर्व मुखिया ओमप्रकाश राय भुट्टु ने कृषि मंत्री को पत्र लिखकर फसल क्षति का आकलन कराने की मांग की है.
भेजे गये पत्र में कहा गया है कि मार्च से अब तक हुए आंधी, पानी और ओला से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. कृषि विभाग कागजों पर नुकसान का सर्वे कर शून्य बता रहा है. इधर किसानों के मेहनत पर पानी पड़ रहा है, उधर कृषि विभाग कोरोना के लॉकडाउन में अपने को लॉक कर लिया है. उन्होंने कहा है कि किसान कोरोना के लॉकडाउन और मौसम की दोहरी मार झेलने को विवश है. मौसम की मार से रबी के हुए नुकसान का किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराकर किसानों को राहत पहुंचायी जाये.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










