घाेटाले में एक और डाक सहायक निलंबित, अब तक पांच कर्मचारी हो चुके हैं निलंबित, कई और पर भी गिर सकती है गाज

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सुबोध कुमार नंदन, पटना : पटना जीपीओ घोटाले में शनिवार को डाक सहायक सुधीर कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया. इस तरह घोटाले में निलंबित होने वाले कर्मचारियों की संख्या पांच तक पहुंच गयी है. इसके पूर्व काउंटर क्लर्क मुन्ना कुमार, सहायक डाकपाल राजेश कुमार शर्मा, सुजय तिवारी और अादित्य कुमार को पटना जीपीओ प्रशासन द्वारा निलंबित किया जा चुका है. अधिकारियों की मानें, तो आने वाले दिनों में कुछ और कर्मचारियों को निलंबित किया जा सकता है, क्योंकि घोटाले की आंतरिक जांच अभी चल ही रही है.

इस बीच घोटाले के मामले में निलंबित कर्मचारियों के 20 लाख से अधिक रुपये सरकार के खाते में जमा करने की सूचना है. लेकिन वरीय अधिकारी ने कहा मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.
पैसे की निकासी का बताया था रास्ता :
आज निलंबित हुआ कर्मचारी सेविंग बैंक कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (एसबी सीओ) शाखा में कार्यरत था. इस शाखा में सेविंग बैंक से जुड़े खाते का रिकॉर्ड रहता है और गलतियों को पकड़ने का काम होता है. लेकिन, डाक सहायक सुधीर कुमार सिंह ने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर घोटाले में शामिल अन्य कर्मचारियों को पैसे की निकासी का रास्ता बताने का काम किया. निलंबन को लेकर एसबी सीओ शाखा के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया था.
चार कर्मियों ने आज भी नहीं दिया योगदान
घोटाले के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों का तबादला किया गया था, लेकिन छह दिन बाद भी चार कर्मचारियों ने शनिवार को भी योगदान नहीं दिया. इनमें तीन महिला कर्मचारी शामिल हैं. कर्मचारियों के योगदान नहीं देने के कारण तीन काउंटरों पर आज कामकाज नहीं हुआ. कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार से कुछ कर्मचारी दे सकते हैं योगदान.
खाते किये गये लॉक
वरीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार घोटाले का मामला उजागर होने के बाद सालों से बंद पड़े एक हजार से अधिक खातों को लॉक कर दिया गया है. सामान्य स्थिति में भविष्य में इन खातों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है.
अवकाश के बावजूद बैठक
केंद्रीय सूचना मंत्री रविशंकर प्रसाद के पटना आने की भनक मिलते ही डाक विभाग (बिहार सर्किल) के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल ने साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद जीपीओ घोटाला और डाक चेस प्रतियोगिता को लेकर देर शाम तक बैठक की. इसके अलावा पटना जीपीओ में भी देर शाम तक घोटाले की जांच को लेकर वरीय अधिकारी बंद कमरे में जुटे रहे.
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