पटना में मणिपुर के तीन उग्रवादी हुए गिरफ्तार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : पटना जंक्शन के पास हार्डिंग पार्क इलाके से गुरुवार की रात मणिपुर के तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. ये मणिपुर में उग्रवादी घटनाओं के अंजाम देने के बाद पटना में कई दिनों से छिपकर रह रहे थे.

पकड़े गये उग्रवादियों में सपम कंगलइपाल मिताई उर्फ चरांगलेन उर्फ सरत, वाहेगंम थोई लुबंग उर्फ जॉन उर्फ थवाइलकपा व कगंबम रोशन सिंह शामिल हैं. ये तीनों इंफाल इस्ट के निवासी है. इनके पास से वोटर कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड व डेबिट कार्ड बरामद किये गये हैं.
बताया जाता है कि कंगलाइपाक कम्युनिस्ट पार्टी पीडब्ल्यूजी व केसीपी माओवादी से जुड़े इन तीनों उग्रवादियों की तलाश मणिपुर पुलिस को थी. इनके खिलाफ मणिपुर में देशद्रोही क्रियाकलाप के लिए लैम्फॉल थाने में नौ मई को केस दर्ज हुआ था.
उक्त संगठन मणिपुर में सरकारी कर्मियों, ठेकेदारों से रंगदारी वसूल कर उग्रवादी गतिविधियों को अंजाम देते थे. सपम कंगलइपाल मिताई संगठन का अध्यक्ष है और वह 21 जुलाई, 2008 को मणिपुर में अस्पताल में इलाज कराने के दौरान खिड़की का रॉड काट कर पुलिस हिरासत से फरार हो गया था.
तीनों के खिलाफ यूएपीए के तहत वारंट भी जारी था. मणिपुर पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उन तीनों को खोजते-खोजते पटना पहुंची और फिर एसएसपी गरिमा मलिक से सहयोग मांगा.
एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली थाने की पुलिस ने मणिपुर पुलिस को सहयोग किया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया. मणिपुर पुलिस तीनों को लेकर सिविल कोर्ट पहुंची और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनीष द्विवेदी के कोर्ट में पेश किया. इसके बाद न्यायिक दंडाधिकारी ने ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की अनुमति दे दी. इसके बाद तीनों को लेकर मणिपुर निकल गयी.
15 अगस्त को इंफाल में उग्रवादी घटना को अंजाम देने के लिए बनायी थी योजना
इन तीनों से पूछताछ के बाद जानकारी मिली है कि ये इंफाल में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर उग्रवादी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे.
पटना पुलिस के अनुसार, तीनों उग्रवादी कुछ दिन पहले रक्सौल से पटना पहुंचे थे. इसके बाद उनकी योजना पश्चिम बंगाल जाने की योजना थी. इसके बाद वे फिर पटना आते और वहां से वापस नेपाल जाते. इसके बाद वहां से मणिपुर के लिए निकल जाते.
2014 में भी पटना में पकड़े गये दो उग्रवादी
मणिपुर के प्रतिबंधित संगठन केसीपी के दो उग्रवादी खोतन रंजीत उर्फ चाइबा व दोशांत हेम मलाम 2014 में करबिगहिया इलाके में पकड़े गये थे. ये दोनों भी कई उग्रवादी घटनाओं को अंजाम देकर पटना में छिप कर रह रहे थे. एक तरह से पटना को पूर्व से मणिपुर के उग्रवादियों ने सेफ जोन बना रखा है.
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