बिहार में स्कूल एफिलिएशन के नियम बदले, अब इन चीजों के बिना नहीं मिलेगी मान्यता
बिहार में इन शर्तों के बिना नहीं मिलेगी स्कूलों को मान्यता (AI जेनरेटेड)
Bihar School Rules Change 2026: बिहार सरकार ने स्कूल मान्यता के नियम सख्त कर दिए हैं. अब खेल मैदान, तय भूमि, लैब, लाइब्रेरी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के बिना निजी स्कूलों को संबद्धता नहीं मिलेगी. नई नियमावली की अधिसूचना बिहार गजट में जारी कर दी गई है. पढ़ें पूरी खबर…
Bihar School Rules Change 2026: बिहार में निजी और गैर-सरकारी स्कूलों के लिए मान्यता प्राप्त करना अब पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होगा. राज्य सरकार और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘बिहार विद्यालय परीक्षा समिति संबद्धता (संशोधन) नियमावली, 2026’ को लागू कर दिया है. 16 जून 2026 को जारी बिहार गजट की अधिसूचना के अनुसार अब माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों को संबद्धता के लिए खेल मैदान, भूमि, भवन और सुरक्षा से जुड़े कई अनिवार्य मानकों को पूरा करना होगा. नए नियम लागू होने के बाद बिना बुनियादी सुविधाओं के संचालित स्कूलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है.
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School Affiliation Rules Changes: क्यों बने इतने कड़े नियम?

नई नियमावली के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए कम से कम 6000 वर्ग मीटर भूमि होना जरूरी होगा. इसमें न्यूनतम 2000 वर्ग मीटर क्षेत्र खेल मैदान के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है. साथ ही पूरे परिसर की चहारदीवारी भी होनी चाहिए. पटना नगर क्षेत्र के स्कूलों के लिए न्यूनतम 3200 वर्ग मीटर और अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए 4000 वर्ग मीटर भूमि निर्धारित की गई है. यदि शहरी क्षेत्र में खेल मैदान मुख्य परिसर से अलग है तो उसकी दूरी 200 मीटर से अधिक नहीं हो सकती. इसके अलावा छात्रों को मैदान तक पहुंचने के लिए किसी व्यस्त सड़क या हाईवे को पार नहीं करना चाहिए. विद्यालय की भूमि रजिस्ट्री वाली या कम से कम 30 वर्षों की वैध लीज पर होना भी अनिवार्य किया गया है.
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क्लासरूम, लैब और लाइब्रेरी के लिए भी तय हुए मानक

गजट के अनुसार विद्यालय भवन के न्यूनतम क्षेत्रफल और सुविधाओं को भी स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है. माध्यमिक विद्यालय के लिए कुल न्यूनतम 870 वर्ग मीटर क्षेत्र होना चाहिए.
इसके तहत 35-35 वर्ग मीटर के छह क्लासरूम, तीन विज्ञान प्रयोगशालाएं (भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान), 50 वर्ग मीटर का कंप्यूटर कक्ष और 50 वर्ग मीटर की लाइब्रेरी अनिवार्य होगी. उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए न्यूनतम 880 वर्ग मीटर तथा संयुक्त विद्यालय के लिए 1110 वर्ग मीटर क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है.
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School Affiliation Rules 2026: एफिलिएशन के लिए कितनी लगेगी फीस?
नए नियमों के तहत संबद्धता के लिए आवेदन करने वाले संस्थानों को 15 हजार रुपये का निरीक्षण शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा. यह शुल्क वापस नहीं किया जाएगा. सभी मानकों को पूरा करने वाले स्कूलों को शुरुआत में केवल पांच वर्षों के लिए अस्थायी संबद्धता मिलेगी. इसके बाद विभागीय समीक्षा के आधार पर नवीनीकरण किया जाएगा.
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई

यदि कोई स्कूल वित्तीय अनियमितता, फर्जी नामांकन, सामाजिक वैमनस्य फैलाने या अन्य नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति उसे कारण बताओ नोटिस जारी करेगी. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्कूल की मान्यता निलंबित या समाप्त की जा सकती है. समस्तीपुर जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से बिना बुनियादी सुविधाओं के संचालित स्कूलों पर नियंत्रण लगेगा और छात्रों को सुरक्षित तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा.
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समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
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लेखक के बारे में
By Aniket Kumar
अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.
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