प्रतिष्ठित बॉस्केटबाल लीग में खेलने के लिए सिम भुल्लर को करना होगा इंतजार

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नयी दिल्ली : एनबीए अनुबंध करने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रचने वाले सिम भुल्लर को इस प्रतिष्ठित बास्केटबाल लीग में पदार्पण करने के लिए इंतजार करना होगा.भुल्लर को पेलिकंस के खिलाफ सेक्रामेंटो किंग्स के मैच में खेलने का मौका नहीं मिला जिसमें उनकी टीम हार गयी.कल भुल्लर को खेलने को लेकर […]

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नयी दिल्ली : एनबीए अनुबंध करने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रचने वाले सिम भुल्लर को इस प्रतिष्ठित बास्केटबाल लीग में पदार्पण करने के लिए इंतजार करना होगा.भुल्लर को पेलिकंस के खिलाफ सेक्रामेंटो किंग्स के मैच में खेलने का मौका नहीं मिला जिसमें उनकी टीम हार गयी.कल भुल्लर को खेलने को लेकर काफी चर्चा थी लेकिन टीम के मालिक विवेक राणादिवे की माने तो इस 22 साल के खिलाड़ी को खेलने का मौका मिल सकता है क्योंकि सत्र खत्म होने वाला है.

भुल्लर का परिवार पंजाब से कनाडा जाकर बस गया था. यह खिलाड़ी पहले ही अपनी लंबाई और वजन को लेकर सुर्खियां बटोर चुका है. एनबीए के लिए फिट होने के मकसद से भुल्लर 16 किग्रा वजन कम कर चुके हैं लेकिन इसके बावजूद इस सात फुट पांच इंच लंबे खिलाड़ी का वजन 160 किग्रा से अधिक है.

टोरंटो में जन्मे भुल्लर ने कहा कि वे स्टेडियम में प्रवेश करने से पहले नर्वस थे.कैलीफोर्निया के सेक्रामेंटो से भुल्लर ने कहा, मुझे खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन सुबह मैं काफी नर्वस था. मुझे सहज होने में समय लगा. वार्म आप के दौरान मैं यह सोचने से खुद को नहीं रोक पा रहा था कि यह मेरा पहला एनबीए मैच है, अंतत: वर्षों की कड़ी मेहनत का फल मिल रहा है. भुल्लर फिलहाल एनबीए डेवलपमेंट लीग में सेक्रामेंटो किंग्स की टीम रेनो बिगहोर्न्स की ओर से खेल रहे हैं.

भुल्लर एनबीए के सबसे लंबे खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनका मानना है कि लंबाई खिलाडी के लिए अच्छी और बुरी दोनों साबित हो सकती है.उन्होंने कहा, लंबा चौड़ा होना अच्छा और बुरा दोनों हो सकता है. मुझे अपनी फिटनेस, अन्य खिलाडियों की गति की बराबरी करने पर अतिरिक्त काम करना पड़ता है लेकिन मेरी लंबाई इसकी भरपाई कर देती है. इसलिए यह दोनों तरह से काम करता है.

कोर्ट के बाहर लोग सोचते हैं कि मुझे चलने में भी मुश्किल होती होगी लेकिन मैंने इसके साथ जीना सीख लिया है. भुल्लर का जन्म कनाडा में हुआ लेकिन वह दिल से भारतीय हैं. उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर दिल से मैं भारतीय हूं. मेरा पूरा परिवार भारतीय अधिक है. मेरे माता पिता बहुत समय पहले पंजाब से यहां आये और मैं घर में पंजाबी बोलता हुए बड़ा हुआ. मुझे लगता है कि मेरी भारतीय जड़ें काफी मजबूत हैं.

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