Year2018 : तीरंदाजी के क्षेत्र में निराशाजनक रहा खिलाड़ियों का प्रदर्शन, प्रशासन में आये बदलाव से जागी उम्मीद
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Dec 2018 2:26 PM
कोलकाता : झारखंड की तीरंदाज दीपिका कुमारी को छोड़कर इस वर्ष देश के लिए किसी भी तीरंदाज ने कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं की. लेकिन खेल के प्रशासन में आये बदलाव से भविष्य के लिये शुभ संकेत मिले हैं. इस साल कंपाउंड वर्ग में महिलाओं की टीम बाईस बरस की ज्योति सुरेखा वेन्नम की अगुवाई […]
कोलकाता : झारखंड की तीरंदाज दीपिका कुमारी को छोड़कर इस वर्ष देश के लिए किसी भी तीरंदाज ने कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं की. लेकिन खेल के प्रशासन में आये बदलाव से भविष्य के लिये शुभ संकेत मिले हैं. इस साल कंपाउंड वर्ग में महिलाओं की टीम बाईस बरस की ज्योति सुरेखा वेन्नम की अगुवाई में पहली बार विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंची . खेल मंत्रालय ने 2012 में भारतीय तीरंदाजी संघ की मान्यता रद्द कर दी थी.
आखिरकार इस खेल महासंघ के चुनाव हुए ओर पूर्व आईएएस अधिकारी बीवीपी राव को अध्यक्ष चुना गया . इसके साथ ही 1973 से चला आ रहा विजय कुमार मल्होत्रा का कार्यकाल भी खत्म हो गया. सुप्रीम कोर्ट से अभी इन चुनावों के नतीजों की पुष्टि बाकी है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित होने की कगार पर खड़े खेल को इससे राहत जरूर मिली है. अब देखना यह है कि नया प्रशासन आमूलचूल बदलाव करता है या नहीं . फिलहाल रिकर्व तीरंदाज बिना किसी राष्ट्रीय कोच और नियमित अभ्यास सुविधाओं के पुणे में सैन्य संस्थान में अपने निजी ट्रेनर के साथ अभ्यास कर रहे हैं .
एशियाई खेलों में तीरंदाजी में रिकर्व में भारत की झोली खाली रही . सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ओलंपियन अतनु दास का रहा जो क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे . उनके अलावा जगदीश चौधरी, सुखचैन सिंह, अंकिता भगत और लक्ष्मीरानी मांझी मुख्य दौर में भी जगह नहीं बना सके. टीम वर्ग में भारत महिलाओं की स्पर्धा में पांचवें, पुरूषों के वर्ग में छठे और मिश्रित में नौवें स्थान पर रहा . चार विश्व कप और एक विश्व कप फाइनल में दीपिका कुमारी को छोड़कर कोई रिकर्व तीरंदाज नहीं चल सका.
चार बार विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीत चुकी दीपिका ने 2012 के बाद पहली बार विश्व कप की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता . उसने जर्मनी की मिशेले क्रोपेन को हराया. इसके साथ ही दीपिका ने सातवीं बार विश्व कप फाइनल के लिए क्वालीफाई किया और रजत पदक जीता . ज्योति ने इस साल तीन विश्व कप में टीम स्पर्धा में रजत पदक जीते . महिला कंपाउंड टीम ने एशियाई खेलों में रजत पदक जीता . ज्योति और अभिषेक वर्मा ने कंपाउंड मिश्रित वर्ग में चार विश्व कप के चार चरण में कांस्य पदक जीते . दोनों ने सैमसन में विश्व कप फाइनल में रजत पदक हासिल किया . पुरूष कंपाउंड टीम एशियाई खेलों में खिताब बरकरार नहीं रख सकी और फाइनल में दक्षिण कोरिया से हार गई.
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