एशियाड : टेनिस में बोपन्ना-शरण की जोड़ी ने जीता स्वर्ण, प्रज्नेश को मिला कांसा

Updated at : 24 Aug 2018 6:54 PM (IST)
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एशियाड : टेनिस में बोपन्ना-शरण की जोड़ी ने जीता स्वर्ण, प्रज्नेश को मिला कांसा

पालेमबांग : शीर्ष वरीयता प्राप्त रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने एशियाई खेलों की पुरुष युगल टेनिस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. वहीं, पुरुष एकल स्पर्धा में अकेले भारतीय बचे प्रज्नेश गुणेश्वरन को सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन से 2-6, 2-6 से हारकर कांस्य पदक से संतोष करना […]

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पालेमबांग : शीर्ष वरीयता प्राप्त रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने एशियाई खेलों की पुरुष युगल टेनिस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. वहीं, पुरुष एकल स्पर्धा में अकेले भारतीय बचे प्रज्नेश गुणेश्वरन को सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन से 2-6, 2-6 से हारकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. हालांकि, यह मुकाबला स्कोरलाइन से ज्यादा प्रतिस्पर्धी रहा.

बोपन्ना और शरण ने कजाखस्तान के अलेक्जेंदर बबलिक और डेनिस येवसेयेव को 52 मिनट में 6-3, 6-4 से हराया. शुक्रवार को टेनिस स्पर्धा में दो पदक मिले. इनके अलावा अंकिता रैना ने महिला एकल में कांस्य पदक जीता था जिससे भारत का इन खेलों में अभियान समाप्त हो गया. इसमें कोई शक नहीं कि दिन के स्टार बोपन्ना और शरण रहे जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार एक साथ खेल रहे थे. मैच में 20 मिनट के भीतर भारतीय टीम ने 4-1 से बढ़त बना ली थी. इसके बाद बढ़त 5-3 की हो गयी और बोपन्ना की सर्विस पर भारत ने पहला सेट जीता. कजाख खिलाड़ियों ने कई गलतियां की.

दूसरी ओर बोपन्ना और शरण के बीच गजब का तालमेल देखने को मिला. बोपन्ना ने बेसलाइन से शानदार खेल दिखाया और अच्छे विनर लगाये. दूसरे सेट में कजाख टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन सहज गलतियों पर काबू नहीं पा सके. उन्होंने पांचवें गेम में डबल फाल्ट भी किया जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा. कजाख टीम के पास रफ्तार थी, तो भारतीयों के पास अनुभव. एक समय स्कोर 3-3 था, लेकिन बोपन्ना और शरण ने 5-3 की बढ़त बना ली. इसके बाद भारतीयों ने शानदार प्रदर्शन बरकरार रखते हुए सेट और मैच जीत लिया. मौजूदा खेलों में टेनिस में यह भारत का पहला स्वर्ण है.

इससे पहले सोमदेव देववर्मन और सनम सिंह ने 2010 में ग्वांग्झू में पुरुष युगल स्पर्धा में पीला तमगा जीता था. महेश भूपति और लिएंडर पेस ने 2002 और 2006 खेलों में स्वर्ण अपने नाम किया था. पेस ने इस बार अपना पसंदीदा जोड़ीदार नहीं मिलने के कारण ऐन मौके पर खेलों से नाम वापिस ले लिया था. साकेत माइनेनी और सनम ने 2014 में रजत पदक जीता था. इंचियोन खेलों में भारत ने एक स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे.

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