मुझे कुछ भी साबित नहीं करना, मेरा करियर सब कुछ बयां करता है : पेस

Published at :14 Sep 2017 7:50 PM (IST)
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मुझे कुछ भी साबित नहीं करना, मेरा करियर सब कुछ बयां करता है : पेस

कोलकाता : दिग्गज टेनिस खिलाडी लिएंडर पेस को भले ही भारत की डेविस कप टीम में नहीं चुना गया है लेकिन अभी वो इस खेल से संन्यास लेने के कतई मूड में नहीं हैं. पेस ने कहा कि अपने करियर के इस पड़ाव में उन्हें किसी के सामने कुछ भी साबित करने की जरुरत नहीं […]

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कोलकाता : दिग्गज टेनिस खिलाडी लिएंडर पेस को भले ही भारत की डेविस कप टीम में नहीं चुना गया है लेकिन अभी वो इस खेल से संन्यास लेने के कतई मूड में नहीं हैं. पेस ने कहा कि अपने करियर के इस पड़ाव में उन्हें किसी के सामने कुछ भी साबित करने की जरुरत नहीं है.

पेस ने 1990 में 16 साल की उम्र में डेविस कप में पदार्पण किया था और उनके नाम पर इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक 42 युगल जीत का संयुक्त रिकार्ड (निकोला पीटरांगली के साथ) दर्ज है. इस साल के शुरू में उज्बेकिस्तान के खिलाफ नये गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया था.

एक जमाने में अपने साथी रहे भूपति के इस रवैये के बाद भी 44 वर्षीय पेस ने उम्मीद नहीं छोड़ी है और उन्होंने खुद स्वीकार किया कि वह इस खेल को दिलोजान से चाहते हैं और इसलिए खेलना जारी रखे हुए हैं. पेस ने यहां कहा, मुझे किसी के सामने कुछ साबित नहीं करना है. मेरा करियर सब कुछ बयां करता है. मैं अब भी इसलिए खेलता हूं क्योंकि मैं टेनिस को दिलोजान से चाहता हूं.

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मैं एक खिलाड़ी बने रहने को लेकर बेहद जुनूनी है और मैंने इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है. उन्होंने कहा, जब मैं अपने देश के लिये खेला तो मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. अपने देश, शहर और लोगों के लिये खेलने से मुझे आनंद मिला और मैंने खुद को सम्मानित महसूस किया. यहां तक कि जब मैं व्यक्तिगत मुकाबलों जैसे विंबलडन में भाग लेता हूं तो तब भी अपने देश के लिये खेलता हूं. पेस ने कहा, वैश्विक स्तर पर आप हमेशा अपना ध्वज ऊंचा देखना चाहते हो. आप अपने देश के बारे में बात करते हो. मैं सौभाग्यशाली हूं कि मेरा करियर लंबा रहा है और आज भी मैं पूरे जुनून के साथ खेलता हूं.

अब तक आठ युगल और दस मिश्रित युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले पेस पुरुष युगल में अपने वर्तमान जोड़ीदार पुरव राजा के साथ काफी उम्मीद लगाये हुए हैं और उन्होंने कहा कि करियर के इस पड़ाव पर अपने देश के खिलाड़ी के साथ खेलना विशेष है.

उन्होंने कहा, मैंने तब महेश (भूपति) को चुना जब वह काफी युवा था और हम विश्व चैंपियन बने. इसके बाद मैंने और रोहन ने डेविस कप (सर्बिया के खिलाफ) में अच्छा प्रदर्शन किया जहां हमने दो सेट से पिछड़ने के बाद वापसी की और पांच सेट तक चला मैच जीता. पेस ने कहा, हम (पूरव और पेस) दो टूर्नामेंट साथ में खेल चुके हैं और अब हम काफी कडी मेहनत कर रहे हैं.

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हमें अभी कई चीजों पर काम करना है. मुझे पांच सप्ताह का समय दो और तब मैं आपको बताऊंगा कि पूरव कितना अच्छा खिलाड़ी है. मैं अभी अपना होमवर्क कर रहा हूं. उन्होंने कहा, मेरे पास अपनी रैकिंग में सुधार करने के लिये तीने महीने का समय है और मेरे लिये करियर के इस पड़ाव पर भारतीय खिलाड़ी के साथ खेलना विशेष है. नवंबर के अंत तक मेरा सत्र समाप्त हो जाएगा और इसके बाद मैं अगले साल पर गौर करुंगा.

मैं रैंकिंग में शीर्ष पर आने के लिये वास्तव में कड़ी मेहनत करना चाहता हूं. भविष्य की अपनी योजनाओं के बाद में पेस ने कहा कि वह अगले साल मिश्रित युगल की नयी जोड़ीदार की घोषणा करेंगे क्योंकि उनकी निगाह अब 19वें ग्रैंडस्लैम खिताब पर टिकी है. उन्होंने कहा, मेरे साथ मिश्रित युगल में नयी जोड़ीदार होगी. मुझे 2018 में पोडियम पर देखकर आप हैरान नहीं होंगे.

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