भारतीय टेबल टेनिस दिग्गज शरत कमल ने किया संन्यास का ऐलान, अब इस भूमिका में आना चाहते हैं नजर

Updated at : 30 Mar 2025 12:53 PM (IST)
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Sharath Kamal

Sharath Kamal bids farewell to career. Image: Sharath Kamal/X

Sharath Kamal: दिग्गज टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल ने डब्ल्यूटीटी स्टार कंटेंडर टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टर फाइनल में स्नेहित सुरवज्जुला से हारकर अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन किया. वाइल्ड कार्ड धारक स्नेहित ने 11-9, 11-8, 11-9 से जीत दर्ज की. इसके बाद, शरत ने मिस्र के उमर अस्सार के खिलाफ एक प्रदर्शनी मैच खेला, जहां दर्शकों को उनके असाधारण कौशल की झलक देखने को मिली.

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Sharath Kamal: दिग्गज टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर शनिवार को समाप्त हो गया. शरत ने अपना आखिरी मैच डब्ल्यूटीटी स्टार कंटेंडर टूर्नामेंट के प्री क्वार्टर फाइनल में हमवतन स्नेहित सुरवज्जुला के खिलाफ खेला. इस मैच में हार के बाद उन्होंने अपने शानदार कैरियर का अंत कर दिया. शरत के खिलाफ वाइल्ड कार्ड धारक स्नेहित ने लगातार तीन गेम में 11-9, 11-8, 11-9 से जीत दर्ज की. शरत ने बाद में मिस्र के उमर अस्सार के खिलाफ एक प्रदर्शनी मैच खेला जिसमें दर्शकों को उनके असाधारण कौशल की एक और झलक देखने को मिली. 

शरत ने अपने विदाई संबोधन में कहा, ‘‘कहीं ना कहीं मुझे लगा कि यह काफी है और मैं कोर्ट के दूसरी तरफ से खेल को कुछ वापस देने की संभावना तलाशना चाहता था.’’ 42 वर्षीय शरत ने कहा कि वह प्रशासनिक भूमिका निभाना चाहेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने एक खिलाड़ी के तौर पर अपना काम कर दिया है, मुझे लगता है कि मैंने एक खिलाड़ी के तौर पर देश के लिए काफी योगदान दिया है और मैं एक प्रशासक, या एक कोच, एक मेंटर या फिर एक वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर भी योगदान देना चाहता हूं.’’

अचंता शरत कमल का जन्म 12 जुलाई 1982 को तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ था. उनका टेबल टेनिस से जुड़ाव बचपन से ही रहा, क्योंकि उनके पिता और चाचा खुद भी इस खेल से जुड़े थे. शरत कमल ने अपने खेल करियर की शुरुआत तमिलनाडु के स्थानीय टूर्नामेंटों से की और अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनानी शुरू की. उनकी मेहनत और तकनीकी कौशल ने जल्द ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया.

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां

शरत कमल भारत के सबसे सफल टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने 2004 में अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीता और इसके बाद कई बार राष्ट्रीय चैंपियन बने. शरत कमल ने अपने शानदार खेल करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने 2006 मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में सिंगल्स का स्वर्ण पदक जीता, जबकि 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसके बाद, 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने टीम इवेंट में स्वर्ण और सिंगल्स में कांस्य पदक जीता. 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा, जहां उन्होंने सिंगल्स, टीम इवेंट और मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक जीते, साथ ही डबल्स में रजत पदक भी अपने नाम किया.

इसके अलावा, उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में टीम और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है, जहां उन्होंने कई बार राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब जीता और आईटीटीएफ (इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन) के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी पदक हासिल किए. शरत कमल ने भारतीय टेबल टेनिस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उनकी शानदार खेल शैली, अनुभव और नेतृत्व क्षमता के चलते भारत ने कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में अपनी छाप छोड़ी. भारत सरकार ने भी उनकी उपलब्धियों को सराहते हुए पद्म श्री और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया है. 

मानव ठक्कर सेमी में पहुंचने वाले पहले भारतीय

इससे पहले 24 वर्षीय मानव ठक्कर ने डब्ल्यूटीटी स्टार कंटेंडर सेमीफाइनल में पहुंचने वाला पहला भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया. मानव ने जर्मनी के आंद्रे बर्टेल्समेयर और ओलंपिक पदक विजेता दक्षिण कोरिया के लिम जोंग-हून के खिलाफ पांच गेम में लगातार दो मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया.मानव ने बर्टेल्समेयर को 10-12, 12-10, 15-13, 6-11, 11-5 से हराया और फिर जोंग-हून को 5-11, 12-10, 3-11, 11-6, 11-1 से शिकस्त दी.

हालांकि शरत को हराने वाले स्नेहित का सफर फ्रांस के थिबॉल्ट पोरेट के खिलाफ हार के साथ खत्म हो गया. पोरेट ने 11-4, 6-11, 11-7, 11-6 से जीत हासिल की. दिन के अंत में एक रोमांचक मुकाबले में दक्षिण कोरिया के लिम जोंग-हून और एन जे-ह्युन ने शीर्ष वरीयता प्राप्त तोमोकाजू हरिमोटो और सोरा मत्सुशिमा को 11-4, 11-13, 11-2, 11-3 से हराकर पुरुष युगल खिताब पर कब्जा किया. महिला युगल फाइनल में जापान की मिवा हरिमोटो और मियू किहारा ने शिन यू-बिन और रयू हन्ना को 9-11, 11-9, 13-11, 12-14, 11-5 से हराया.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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