FIFA World Cup 2026: रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड की जीत, फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा

इंग्लैंड ने फ्रांस को हराकर जीता ब्रॉन्ज मेडल (एक्स)
FIFA World Cup 2026 third place playoff: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक जीता. 10 गोलों का रिकॉर्ड बना. जानें मैच का रोमांच.
FIFA World Cup 2026 third place playoff: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में फुटबॉल प्रेमियों को ऐसा रोमांच देखने को मिला, जिसे वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में लंबे समय तक याद रखा जाएगा. कुल 10 गोलों से भरपूर इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया. इस मैच ने 1982 के बाद वर्ल्ड कप के किसी मुकाबले में सबसे अधिक 10 गोल होने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा लिया. इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल खेली, पहले हाफ में 4-0 की बढ़त बनाई, जबकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को 4-3 तक पहुंचा दिया. हालांकि अंतिम मिनटों में बुकायो साका की हैट्रिक और जूड बेलिंगहैम के इंजरी टाइम गोल ने इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी.
पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही फ्रांस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. तीसरे मिनट में कप्तानी कर रहे डेक्लान राइस ने लगभग 25 गज की दूरी से शानदार लंबी दूरी का शॉट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. 18वें मिनट में राइस के कॉर्नर किक पर एजरी कोन्सा ने बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया. फ्रांस की रक्षापंक्ति पूरी तरह बिखरी नजर आई और इंग्लैंड ने इसका पूरा फायदा उठाया. इसके बाद बुकायो साका ने अपना जलवा दिखाया. उन्होंने 37वें और 43वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर इंग्लैंड को हाफटाइम तक 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी. पहले 45 मिनट में फ्रांस की टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई.
डेशॉ के चार बदलावों ने बदली फ्रांस की तस्वीर
हाफटाइम के बाद फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशचैम्प्स ने एक साथ चार बदलाव किए. उस्मान डेम्बेले और ब्रैडली बारकोला के मैदान पर आने के बाद फ्रांस के आक्रमण में नई ऊर्जा दिखाई दी. 48वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस की वापसी की शुरुआत की. इसके दस मिनट बाद ब्रैडली बारकोला ने शानदार गोल दागते हुए स्कोर 4-2 कर दिया. 67वें मिनट में एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागकर मुकाबले को 4-3 तक पहुंचा दिया. इसके बाद इंग्लैंड की बढ़त केवल एक गोल रह गई और मुकाबले में रोमांच चरम पर पहुंच गया.
एमबाप्पे ने तोड़ा मेसी का रिकॉर्ड
अपने दूसरे गोल के साथ किलियन एम्बाप्पे ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपने करियर का 22वां गोल पूरा किया. इसके साथ ही उन्होंने लियोनल मेसी के 21 वर्ल्ड कप गोलों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया. इतना ही नहीं, इस टूर्नामेंट में एम्बाप्पे के 10 गोल हो गए और वह गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए. हालांकि उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियां फ्रांस को हार से नहीं बचा सकीं.
साका की हैट्रिक
फ्रांस की लगातार वापसी के बीच इंग्लैंड को 87वें मिनट में पेनल्टी मिली. बुकायो साका ने पूरी सटीकता के साथ गेंद को गोल में पहुंचाकर अपना तीसरा गोल पूरा किया और हैट्रिक जमाते हुए इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी. लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था. स्टॉपेज टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर स्कोर 5-4 कर दिया और फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं. इसी दौरान इंजरी टाइम के आठवें मिनट यानी 98वें मिनट में बतौर विकल्प मैदान पर उतरे जूड बेलिंगहैम ने तेज काउंटर अटैक पर शानदार गोल दागकर इंग्लैंड की 6-4 की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी.
1966 के बाद इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड कप प्रदर्शन
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया. 1966 में वर्ल्ड कप चैंपियन बनने के बाद यह टूर्नामेंट में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है. कांस्य पदक जीतकर इंग्लैंड ने यह भी साबित किया कि सेमीफाइनल की निराशा के बाद भी टीम ने मजबूत मानसिकता के साथ वापसी की और टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया.
डेशॉ का भावुक विदाई मैच
यह मुकाबला फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशचैम्प्स के कार्यकाल का आखिरी मैच भी साबित हुआ. मैच समाप्त होने के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुकेल ने डेशचैम्प्स को गले लगाकर उनके शानदार करियर को सम्मान दिया. फ्रांस के खिलाड़ियों और स्टाफ ने भी अपने सफल कोच को भावुक विदाई दी. डेशचैम्प्स ने पिछले 14 वर्षों में फ्रांस को वर्ल्ड फुटबॉल की शीर्ष टीमों में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मैच से पहले एमबाप्पे का भावुक संदेश
मुकाबले से पहले फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने अपने कोच डिडिएर डेशचैम्प्स के लिए भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने कहा, "आपने हमें इतना कुछ दिया है. हमें आपको इससे बेहतर विदाई देनी चाहिए थी, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके. पिछले 14 वर्षों में आपने फ्रांस के लिए जो किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. टीम के पुनर्निर्माण में आपकी भूमिका बेहद बड़ी रही है. लोगों ने हमेशा आपकी महानता की कद्र नहीं की, लेकिन समय और इतिहास जरूर करेगा." हालांकि फ्रांस अपने अनुभवी कोच को जीत के साथ विदाई नहीं दे सका, लेकिन एमबाप्पे के शब्दों ने डेशचैम्प्स के योगदान को भावनात्मक अंदाज में सम्मान दिया.
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By ऋतु राज
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