महिलाओं को क्रिकेट नहीं… भारतीय टीम की जीत के बाद सौरव गांगुली के पुराने बयान ने छेड़ी नई बहस

महिला क्रिकेट को लेकर सौरव गांगुली का बयान हुआ वायरल
Sourav Ganguly Old Statement: महिला वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बीच सौरव गांगुली का पुराना बयान फिर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद खेल जगत में महिलाओं की भूमिका और सोच में आए बदलाव पर नई बहस शुरू हो गई है.
Sourav Ganguly Old Statement: भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका (IND W vs SA W) को 52 रन से हराकर पहली बार आईसीसी महिला वर्ल्ड कप (ICC Women World Cup) अपने नाम किया. पूरा देश जश्न में डूबा है, लेकिन इसी बीच एक पुराना वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नई चर्चा छिड़ गई है. यह वीडियो भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का है, जिसमें उन्होंने सालों पहले महिलाओं के क्रिकेट खेलने पर एक मजाकिया टिप्पणी की थी. अब यह बयान महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक जीत के बीच फिर से सुर्खियों में आ गया है.
गांगुली का पुराना वीडियो हुआ वायरल
वायरल वीडियो एक पुराने इंटरव्यू का है, जो बंगाली न्यूज चैनल एबीपी आनंदा पर हुआ था. इंटरव्यू में गांगुली से पूछा गया था कि अगर उनकी बेटी सना क्रिकेट खेलना चाहें तो वह क्या करेंगे? इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा था मैं कहूंगा, मत खेलो, क्योंकि महिलाओं को क्रिकेट खेलने की जरूरत नहीं है. उस समय यह बात मजाक के अंदाज में कही गई थी, लेकिन अब महिला क्रिकेट की जीत के बाद इसे नए नजरिए से देखा जा रहा है.
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग राय दी. कई यूजर्स ने कहा कि यह दिखाता है कि समय के साथ सोच कितनी बदल चुकी है. जहां कभी महिलाओं के खेल पर सवाल उठते थे, आज वही खिलाड़ी देश का झंडा ऊंचा कर रही हैं. कुछ लोगों ने गांगुली की उस टिप्पणी को पुराने दौर की सोच बताया, जबकि कईयों ने कहा कि आज की जीत ने हर पुराने मिथक को तोड़ दिया है.
महिला क्रिकेट ने तय किया लंबा सफर
इस ऐतिहासिक जीत ने दिखाया है कि भारतीय महिला क्रिकेट कितनी दूर तक पहुंच चुका है. अब यह केवल खेल नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बन चुका है. मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, फिटनेस और रणनीति किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम से कम नहीं दिखी. यह जीत उन सालों की मेहनत, संघर्ष और विश्वास का परिणाम है जो महिला क्रिकेटर्स ने बिना शोर किए किया.
मिताली राज ने जताया गर्व
भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज ने इस जीत को सपनों को पंख मिलने वाला पल बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जिसने महिला क्रिकेट को नई पहचान दी है. मिताली ने कहा कि यह जीत चार साल की मेहनत, योजना और सही दिशा में उठाए गए कदमों का नतीजा है.
बदला महिला क्रिकेट का चेहरा
मिताली ने ICC अध्यक्ष जय शाह की तारीफ करते हुए कहा कि जब वह BCCI में थे तो उनके कार्यकाल में महिला क्रिकेट को नई दिशा मिली. महिलाओं के लिए समान मैच फीस, विमेंस प्रीमियर लीग (WPL), अंडर-19 और इंडिया ए टीमों के लिए प्लेटफॉर्म जैसे फैसलों ने महिला खिलाड़ियों को आत्मनिर्भर बनाया. अब लड़कियां केवल क्रिकेट खेलने का सपना नहीं देखतीं, बल्कि उसे हासिल करने की तैयारी करती हैं.
नई पीढ़ी के लिए संदेश
यह जीत सिर्फ मौजूदा खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि हर उस लड़की की है जो भारत की जर्सी पहनने का सपना देखती है. मिथाली ने कहा कि यह पल हर उस कोच, माता-पिता और समर्थक का भी है जिन्होंने इन बेटियों पर विश्वास किया. भारत की यह ऐतिहासिक जीत आने वाली पीढ़ी के लिए यह संदेश है कि अगर विश्वास और अवसर मिले, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता.
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By Aditya Kumar Varshney
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