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एमएस धोनी का 100 करोड़ का मानहानि केस मामला बढ़ा आगे, हाईकोर्ट ने 11 साल बाद लिया ये फैसला

Updated at : 12 Aug 2025 12:19 PM (IST)
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MS Dhoni Defamation Case.

MS Dhoni Defamation Case.

MS Dhoni 100 Crore Defamation Case : मद्रास हाईकोर्ट ने एमएस धोनी के 100 करोड़ रुपये मानहानि मामले में मुकदमा चलाने का आदेश देते हुए 20 अक्टूबर से 10 दिसंबर 2025 के बीच उनका बयान दर्ज करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया है. धोनी ने 2014 में आईपीएल सट्टेबाजी विवाद में नाम घसीटे जाने पर दो मीडिया चैनलों और एक पत्रकार पर यह केस दायर किया था.

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MS Dhoni 100 Crore Defamation Case : भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल सट्टेबाजी विवाद में अपना नाम घसीटे जाने पर मद्रास हाईकोर्ट में मुकदमा किया था. देश के दो बड़े मीडिया चैनलों और एक पत्रकार के खिलाफ दायर 100 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में धोनी जल्द ही अपना बयान दर्ज कराएंगे. मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. अदालत ने इस मामले में साक्ष्यों की रिकॉर्डिंग के लिए एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने का भी निर्देश दिया. सोमवार को न्यायमूर्ति सी.वी. कार्तिकेयन ने धोनी के वकील द्वारा दायर हलफनामा स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि 20 अक्टूबर से 10 दिसंबर 2025 के बीच चेन्नई में धोनी के बयान दर्ज किए जाएं. इसके लिए अदालत अपनी सूची में से एडवोकेट कमिश्नर का चयन करेगी. 

यह मामला 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी कांड से जुड़ा है. धोनी ने 2014 में यह याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की. उनका आरोप है कि एक टीवी डिबेट के दौरान उनके खिलाफ मानहानि वाली बातें कही गईं, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, धोनी की ओर से वरिष्ठ वकील पी.आर. रमन ने अदालत में हलफनामा पेश किया, जिसमें मुकदमे की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई. अदालत ने कमिश्नर को निर्देश दिया कि वे चेन्नई में सभी पक्षकारों और उनके वकीलों की मौजूदगी में धोनी के साक्ष्य दर्ज करें.

धोनी ने हलफनामे में उपस्थिति का समय बताया

करीब एक दशक से लंबित यह मामला इसलिए अटका रहा क्योंकि पक्षकार वर्षों से विभिन्न तरह की राहत मांगते रहे. हलफनामे में कहा गया है कि यह अनुरोध किसी भी देरी से बचने और निष्पक्ष एवं शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है. हलफनामे में धोनी ने स्पष्ट किया है कि वे 20 अक्टूबर से 10 दिसंबर 2025 के बीच जांच और जिरह के लिए उपलब्ध रहेंगे, जबकि स्थान और तारीखें सभी पक्षों की सुविधा के अनुसार तय होंगी. साथ ही उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि वे मुकदमे और साक्ष्य रिकॉर्डिंग से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में पूरा सहयोग करेंगे और दिए गए सभी निर्देशों का पालन करेंगे. 

कब हुआ था मामला

गौरतलब है कि 2013 का आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग और सट्टेबाजी विवाद लीग के इतिहास का बड़ा काला अध्याय माना जाता है. इस कांड में तीन खिलाड़ियों के नाम सामने आए थे और चेन्नई सुपर किंग्स व राजस्थान रॉयल्स को अपने शीर्ष अधिकारियों की संलिप्तता के चलते 2015 में दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया था. सीएसके 2016 और 2017 में आईपीएल में भाग नहीं ले सकी थी. हालांकि फिर बहाल किए जाने का बाद उसने दमदार वापसी की.  

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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