Dwayne Bravo on MS Dhoni: वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो (Dwayne Bravo) ने एक बार फिर एमएस धोनी (MS Dhoni) की कप्तानी को लेकर दिल से बात की है. आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ दस साल बिताने वाले ब्रावो ने बताया कि धोनी सिर्फ कप्तान नहीं बल्कि खिलाड़ियों को समझने वाले लीडर हैं. हाल ही में एक पॉडकास्ट में ब्रावो ने आईपीएल 2018 का एक किस्सा साझा किया, जिससे यह साफ होता है कि धोनी अपने खिलाड़ियों की ताकत और कमजोरी को कितनी गहराई से समझते हैं. ब्रावो का यह बयान आज भी धोनी की कप्तानी की मिसाल बन गया है.
IPL 2018 और CSK की वापसी
IPL 2018 का सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खास था. दो साल के बैन के बाद टीम ने जोरदार वापसी की थी. इस सीजन में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों का अच्छा तालमेल देखने को मिला. ड्वेन ब्रावो भी इस टीम का अहम हिस्सा थे. ब्रावो ने बताया कि इस सीजन में धोनी का सोचने का तरीका उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करता था. टीम के हर खिलाड़ी को साफ रोल दिया गया था और सभी से उसी के मुताबिक प्रदर्शन की उम्मीद की जाती थी.
फील्डिंग के दौरान धोनी की सीख
ब्रावो ने पॉडकास्ट में एक दिलचस्प घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वह एक मैच में लॉन्ग ऑन पर फील्डिंग कर रहे थे और एक गेंद पकड़ने के लिए डाइव लगाई. इसके बाद धोनी ने उन्हें अपने पास बुलाया. धोनी ने साफ शब्दों में कहा कि फील्ड पर कभी डाइव मत लगाना. तुम्हारे चार ओवर ज्यादा जरूरी हैं ना कि चार रन बचाने के. ब्रावो के लिए यह बात चौंकाने वाली थी लेकिन यहीं से उन्हें धोनी की सोच समझ में आई.
खिलाड़ियों की ताकत पहचानने वाले धोनी
ड्वेन ब्रावो ने कहा कि धोनी जानते थे कि कौन सा खिलाड़ी किस काम में सबसे अच्छा है. उन्होंने ब्रावो से कहा कि वह ऐसी जगह फील्डिंग करें जहां चोट का खतरा कम हो. इसके बाद ब्रावो 30 यार्ड सर्कल के अंदर फील्डिंग करने लगे. ब्रावो के मुताबिक धोनी का तरीका यही था कि खिलाड़ी को उसी रोल में रखा जाए जहां वह टीम के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. वह किसी पर बेवजह दबाव नहीं डालते थे.
फील्ड प्लेसमेंट में पूरी आजादी
ब्रावो ने यह भी बताया कि धोनी ने कभी उनकी फील्ड प्लेसमेंट में दखल नहीं दिया. पहले ओवर से पहले धोनी ने उनसे पूछा कि वह कैसी फील्ड चाहते हैं. ब्रावो ने अपनी पसंद बताई और इसके बाद धोनी ने दोबारा इस पर कोई सवाल नहीं किया. इससे ब्रावो को यह एहसास हुआ कि कप्तान को उन पर पूरा भरोसा है. उनके लिए यह भरोसा किसी बड़े सम्मान से कम नहीं था.
धोनी मेरे बड़े भाई जैसे हैं ब्रावो
ड्वेन ब्रावो ने धोनी को लेकर भावुक बात भी कही. उन्होंने कहा कि धोनी उनके बड़े भाई जैसे हैं. उन्होंने कभी ब्रावो को बदलने की कोशिश नहीं की. धोनी ने उन्हें वैसे ही खेलने दिया जैसे वह खेलना जानते थे. यही वजह है कि ब्रावो ने सीएसके के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए. ब्रावो का मानना है कि धोनी की यही खासियत उन्हें बाकी कप्तानों से अलग बनाती है. यही कारण है कि आज भी खिलाड़ी उनके साथ खेलने को खुद को खुशकिस्मत मानते हैं.
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