डीआरएस कोई राकेट साइंस नहीं: कोहली

Updated at : 08 Nov 2016 3:36 PM (IST)
विज्ञापन
डीआरएस कोई राकेट साइंस नहीं: कोहली

राजकोट : इंग्लैंड के खिलाफ कल से यहां शुरु हो रही पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला में अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (डीआरएस: के लागू होने से भारतीय क्रिकेट टीम की नींद नहीं उड़ी है और भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि यह रेफरल प्रक्रिया कोई ‘राकेट साइंस’ नहीं है.यहां एससीए स्टेडियम में […]

विज्ञापन

राजकोट : इंग्लैंड के खिलाफ कल से यहां शुरु हो रही पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला में अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (डीआरएस: के लागू होने से भारतीय क्रिकेट टीम की नींद नहीं उड़ी है और भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि यह रेफरल प्रक्रिया कोई ‘राकेट साइंस’ नहीं है.
यहां एससीए स्टेडियम में कल से शुरु होने वाले पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर मेजबान टीम के कप्तान कोहली ने कहा, ‘‘डीआरएस में कोई राकेट साइंस नहीं है. एक क्रिकेटर के रुप में आपको समझ होती है, आपको जानकारी होती है कि गेंद पैड से कहां टकराई है, सही जगह पिच हुई या टकराई थी या नहीं.

यह क्रिकेट की सामान्य चीजें हैं. यह जरुरी नहीं कि डीआरएस के लिए आपको कोई कोर्स करना पड़े’ कोहली ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टीम पर देखकर हमने काफी सीखा है कि डीआरएस का इस्तेमाल कैसे होता है. अगर रैफरल लिया जाना है तो यह काफी हद तक इस पर निर्भर करता है कि गेंदबाज और विकेटकीपर विशिष्ट मामले को लेकर क्या सोचते हैं. यह सामान्य सी बात है. ऐसा नहीं है कि हम इस पर काफी ध्यान लगा रहे हैं. यह आपको सिर्फ उस फैसले को दोबारा देखने का मौका देखा है जो आपको लगता है कि सही नहीं है.

और मुझे लगता है कि यह उचित है.’ अन्य सभी देशों द्वारा द्विपक्षीय श्रृंखला में स्वीकार की गयी डीआरएस प्रणाली का लगातार विरोध करने के बाद बीसीसीआई हाल में इसे लेकर झुका है और प्रयोग के तौर पर इसका इस्तेमाल करने का फैसला किया है. कोहली ने हालांकि इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक और तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्राड के इन बयानों को अधिक तवज्जो नहीं दी जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि उनकी टीम श्रृंखला में प्रबल दावेदार नहीं है.

इस साल दो दोहरे शतक जड़ने वाले कोहली ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कुछ टीमें श्रृंखला की शुरुआत आकर्षण से दूर रहकर करना चाहती है और इसके बाद विरोधी को हैरान करना चाहती हैं लेकिन हम इन चीजों से अवगत हैं. हम अतीत में भी इस तरह की रणनीति का सामना कर चुके हैं.’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन साथ ही हम काफी आगे के बारे में नहीं सोचना चाहते. हमें पता है कि हमें क्या करने की जरुरत है, इसलिए हम इस तरह की तारीफ में नहीं बहने वाले. साथ ही आलोचना में भी. अगर टीम प्रबंधन या खेल से ताल्लुक रखने वाले लोग सकारात्मक आलोचना करते हैं तो इसका हमेशा स्वागत है.’ भारत की ओर से 48 टेस्ट खेलने वाले कोहली ने कहा कि टीम अब मैच जीतने में यकीन करती है और सिर्फ प्रतिस्पर्धी नहीं बने रहना चाहती.

कोहली ने कहा, ‘‘मानसिकता अब सिर्फ प्रतिस्पर्धा पेश करने की नहीं है. हम श्रृंखला जीतना चाहते हैं, हम टेस्ट मैच जीतना चाहते हैं. इसके लिए आपको हमेशा अपना शीर्ष खेल दिखाना होता है और अपने शीर्ष खेल में सुधार करना होता है. यह मानसिकता है और खिलाडी चुनौती के लिए तैयार हैं.’ भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम ने पिछली श्रृंखला में भले ही न्यूजीलैंड का 3-0 से क्लीनस्वीप किया हो लेकिन भारत के प्रदर्शन में कुछ खामियां थी जिन्हें दूर करने की जरुरत है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola