दिल्ली में टी20 विश्व कप मैचों को लेकर अनिश्चितता बरकरार

Updated at : 03 Mar 2016 8:39 PM (IST)
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दिल्ली में टी20 विश्व कप मैचों को लेकर अनिश्चितता बरकरार

नयी दिल्ली : दिल्ली में होने वाले विश्व टी20 मैचों को लेकर अनिश्चितता बरकरार है क्योंकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के लिये एमसीडी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) हासिल करने के संबंध में दायर डीडीसीए की बहाली याचिका खारिज कर दी. हालांकि डीडीसीए के कार्यों पर निगरानी रखने के लिये दिल्ली उच्च […]

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नयी दिल्ली : दिल्ली में होने वाले विश्व टी20 मैचों को लेकर अनिश्चितता बरकरार है क्योंकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के लिये एमसीडी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) हासिल करने के संबंध में दायर डीडीसीए की बहाली याचिका खारिज कर दी.

हालांकि डीडीसीए के कार्यों पर निगरानी रखने के लिये दिल्ली उच्च न्यायालय से नियुक्त सेवानिवृत न्यायधीश मुकुल मुदगल ने एक अन्य पीठ में कहा कि इस स्थल पर टी20 मैचों के आयोजन को अनुमति मिल सकती है. मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी ओर न्यायाधीश राजवी सहाय एंडलो ने स्टेडियम के लिये एमसीडी से एनओसी लेने के संबंध में उसकी 1997 की याचिका को बहाल करने की याचिका खारिज कर दी जिसके तुरंत बाद मैचों के आयोजन को लेकर न्यायमूर्ति मुदगल की रिपोर्ट न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और विभु बाकरी के समक्ष रखी गयी.
इस स्टेडियम को एएसआई से मंजूरी नहीं मिली है. नये घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद न्यायमूर्ति मुरलीधर की अध्यक्षता वाली पीठ ने डीडीसीए को स्टेडियम में मैचों के आयोजन के लिये कब्जा प्रमाणपत्र की अनुमति देने संबंधी मामले की सुनवाई आठ मार्च के तय कर दी. इसमें कहा गया है कि क्रिकेट संस्था अपनी बहाली याचिका के रद्द होने के खिलाफ विशेष अवकाश याचिका दायर कर सकती है.
डीडीसीए की बहाली याचिका खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी ने कहा कि संघ ‘कोटला बावली’ स्मारक से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित ढांचे का एक हिस्सा ढहाने के बाद मैचों का आयोजन कर सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘आप (डीडीसीए) प्रत्येक मैच के लिये यहां नहीं आ सकते. यह आपकी आदत बन गयी है. आप उसे गिराओ और मैच का आयोजन करो.
यह बहाली का मसला नहीं है. हमें कोई कारण नजर नहीं आता. आप उस हिस्से को गिराओ और मैच आयोजित करो. यदि यह अवैध है तो इसे गिराना होगा. यह अवैध है और आपने इसे 1997 से लंबित रखा है. 1997 की रिट याचिका दो बार खारिज कर दी गयी थी. ”
न्यायमूर्ति मुदगल ने एडवोकेट नितिन मिश्रा के जरिये दायर की गयी अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘यह अदालत विशेष रुप से स्टेडियम में सुरक्षा के मसले को लेकर चिंतित है और डीडीसीए ने एसडीएमसी की संतुष्टि के लिये इस पर गौर किया है और कब्जा प्रमाणपत्र इंतजार है. ” उन्होंने कहा, ‘‘यह यह अदालत उचित समझती है तो डीडीसीए को विश्व टी20 और आईपीएल के आयोजन की अनुमति मिल सकती है. इसके अलावा डीडीसीए को 30 जून तक समय दिया जा सकता है. ”
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