सचिन उस शतक को आज भी नहीं भूले, जिसके बाद टूटा था सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 May 2015 11:48 AM
नयी दिल्ली : महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे बल्लेबाजों को विश्वस्तरीय गेंदबाजों का सामना करने के लिए अपने खेल पर लगातार काम करना चाहिए और जब वह खेलते थे तब लगातार ऐसा किया करते थे. तेंदुलकर ने कहा, यह बल्लेबाज का कर्तव्य है कि वह अपने खेल […]
नयी दिल्ली : महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे बल्लेबाजों को विश्वस्तरीय गेंदबाजों का सामना करने के लिए अपने खेल पर लगातार काम करना चाहिए और जब वह खेलते थे तब लगातार ऐसा किया करते थे. तेंदुलकर ने कहा, यह बल्लेबाज का कर्तव्य है कि वह अपने खेल पर काम करता रहे क्योंकि ये विश्वस्तरीय गेंदबाज लगातार कुछ नया करने की कोशश करते हैं. इस स्टार बल्लेबाज से पूछा गया कि लेसिथ मालिंगा की टखने को निशाना बनाकर फेंके गये यार्कर को कैसे खेलना चाहिए, उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, बाल नहीं बॉल ( गेंद ) को देखो.
एक खिलाड़ी के रूप में दिल्ली के अपने दौरों की याद करते हुए तेंदुलकर ने कहा, भारत के टेस्ट कप्तान के रूप में मेरा पहला मैच आस्ट्रेलिया के खिलाफ फिरोजशाह कोटला में खेला गया था और हमने वह मैच जीता था. तेंदुलकर ने अपना 35वां शतक भी दिल्ली में बनाया था. इससे उन्होंने सुनील गावस्कर का रिकार्ड तोड़ा था और वह शतक भी उन्हें याद है. तेंदुलकर ने गुडगांव के साइबर हब में प्रचार कार्यक्रम में कहा, वह 2005 की बात है और हम श्रीलंका के खिलाफ खेल रहे थे.
चेन्नई में पहले टेस्ट मैच के बाद और दिल्ली टेस्ट से पहले मैंने दोपहर में झपकी ली. मैंने सपने में देखा कि मैं कोटला में शतक बना रहा हूं और मैंने अपना 35वां शतक जड़ दिया. उन्होंने दिल्ली के दर्शकों का क्रिकेट के प्रति प्यार के लिए प्रशंसा की.
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