ePaper

IPL स्पॉट फिक्सिंग : श्रीनिवासन के खिलाफ मुद्गल कमेटी ने SC को अंतिम रिपोर्ट सौंपी

Updated at : 03 Nov 2014 3:57 PM (IST)
विज्ञापन
IPL स्पॉट फिक्सिंग : श्रीनिवासन के खिलाफ मुद्गल कमेटी ने SC को अंतिम रिपोर्ट सौंपी

नयी दिल्ली : इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल के चेयरमैन एन श्रीनिवासन की परेशानी एक बार फिर बढ़ सकती है. मुद्गल समिति ने आईपीएल सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग मामले में एन श्रीनिवासन के खिलाफ जांच की अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की. इस रिपोर्ट पर उच्चतम न्यायालय 10 नवंबर को संज्ञान लेगा. उस दिन सुप्रीम कोर्ट […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल के चेयरमैन एन श्रीनिवासन की परेशानी एक बार फिर बढ़ सकती है. मुद्गल समिति ने आईपीएल सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग मामले में एन श्रीनिवासन के खिलाफ जांच की अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की.

इस रिपोर्ट पर उच्चतम न्यायालय 10 नवंबर को संज्ञान लेगा. उस दिन सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट के परिणाम पर विचार करेगा. जिसके बाद ये निर्णय होगा कि आईसीसी चीफ एन श्रीनिवासन, भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीसीआई के अध्यक्ष पुर्निनवाचित हो सकते हैं या नहीं.

समिति की ओर से एक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट को जमा किया गया है. मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता में बनी कमेटी में पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली भी शामिल हैं. इस कमेटी ने फरवरी में कोर्ट को 13 लोगों के नाम दिए थे जिनके खिलाफ आगे जांच करने की जरूरत थी. इस लिस्ट में एक नाम एन श्रीनिवासन का भी था जिसके बाद कोर्ट ने पैनल से उनके खिलाफ भी जांच करने को कहा था.
न्यायमूर्ति मुदगल ने कहा, यह उच्चतम न्यायालय को तय करना है कि हमारा काम संतोषजनक रहा या नहीं. हमने आदेश का पालन किया और अच्छा काम किया. रिपोर्ट अब न्यायालय के पास है और उसे भावी कार्रवाई पर फैसला करना है.
उन्होंने यह भी कहा कि समिति के सदस्यों पर जांच के दौरान किसी तरह का दबाव नहीं था. उन्होंने कहा, हमने अपना काम कर दिया है और अब इस मसले पर उच्चतम न्यायालय को न्याय करना है. न्यायालय ने एक सितंबर को बीसीसीआइ अध्यक्ष के पद पर बहाली की श्रीनिवासन की दलील यह कहकर खारिज कर दी थी कि समिति से क्लीन चिट मिलने तक वह पद नहीं संभाल सकते.
पीठ ने कहा था कि मामले की जांच चल रही है लिहाजा श्रीनिवासन बोर्ड अध्यक्ष के रुप में काम नहीं कर सकते. न्यायालय ने जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए समिति को दो महीने के भीतर अपना काम पूरा करने का निर्देश दिया था और उसे श्रीनिवासन तथा अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ अंतरिम रिपोर्ट जमा करने की अनुमति भी दी थी.
इस मामले में श्रीनिवासन और 12 प्रमुख खिलाडियों के खिलाफ जांच कर रही मुद्गल समिति ने 29 अगस्त को सीलबंद लिफाफे में अंतरिम रिपोर्ट जमा की थी. उच्चतम न्यायालय ने 16 मई को न्यायमूर्ति मुद्गल समिति को इस मामले में श्रीनिवासन और 12 खिलाडियों के खिलाफ जांच करके अगस्त के आखिर तक रिपोर्ट जमा करने के लिये कहा था. उसने अपनी समिति द्वारा मामले की जांच कराने के बीसीसीआई के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.मुद्गल समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में श्रीनिवासन और 12 क्रिकेटरों के नाम लिये थे. मुद्गल के अलावा समिति में अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एल नागेश्वर राव और अधिवक्ता निलय दत्ता भी हैं.

एन श्रीनिवासन के दामान गुरुनाथ मयप्पन पर यह आरोप लगा था कि वे सट्टेबाजी में शामिल है, जिसके बाद से श्रीनिवासन के बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बने रहने को लेकर विवाद शुरू हो गया था और स्थिति यहां तक पहुंच गयी थी कि श्रीनिवासन को अपना कार्यभार जगमोहन डालमिया को सौंपना पड़ा था. उस वक्त उनकी भूमिका पर सवाल उठाये गये थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola