कांग्रेस-सपा को विश्वकप में भारत की नारंगी जर्सी के पीछे ‘भगवाकरण'' का संदेह

Updated at : 26 Jun 2019 10:04 PM (IST)
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कांग्रेस-सपा को विश्वकप में भारत की नारंगी जर्सी के पीछे ‘भगवाकरण'' का संदेह

नयी दिल्ली : कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं को भारतीय क्रिकेट टीम के इंग्लैंड के खिलाफ विश्वकप मैच में नारंगी रंग की जर्सी पहनने के पीछे ‘भगवाकरण’ का संदेह है. उधर, भाजपा ने इसका मजाक बनाते हुए उनकी प्रतिक्रिया को संकुचित सोच करार दिया. मेजबान इंग्लैंड सहित कुछ टीमों के खिलाफ विश्वकप के मैचों […]

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नयी दिल्ली : कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं को भारतीय क्रिकेट टीम के इंग्लैंड के खिलाफ विश्वकप मैच में नारंगी रंग की जर्सी पहनने के पीछे ‘भगवाकरण’ का संदेह है.

उधर, भाजपा ने इसका मजाक बनाते हुए उनकी प्रतिक्रिया को संकुचित सोच करार दिया. मेजबान इंग्लैंड सहित कुछ टीमों के खिलाफ विश्वकप के मैचों में भारतीय टीम नारंगी जर्सी पहन सकती है क्योंकि भारत और इंग्लैंड दोनों की टीमें नीली रंग की जर्सी पहनती हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इंग्लैंड को छोड़कर सभी टीमों से दो तरह की यूनीफॉर्म तैयार रखने को कहा है. महाराष्ट्र के मुंबई से समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हर चीज का भगवाकरण करने के प्रयास का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, लेकिन मोदी पूरे देश को भगवा रंग में रंगना चाहते हैं. आज, जर्सी भगवा रंग की हो रही है. अगर आप जर्सी के लिए रंग चुनना चाहते हैं तो तिरंगे के रंग को चुनिये, मुझे कोई परेशानी नहीं. कांग्रेस विधायक नसीम खान ने आजमी के आरोप का समर्थन करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश को हर क्षेत्र में भगवाकरण की ओर लेकर जा रही है, चाहे वह खेल हो, संस्कृति हो या शिक्षा.

हालांकि, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने जर्सी के रंग को लेकर राजनीतिक विवाद की बात को खारिज किया और राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा, यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है.

अगर टीम और बीसीसीआई को कोई समस्या नहीं है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारतीय टीम किस रंग की जर्सी पहनती है. मतलब इस बात से है कि वे अच्छा खेलें और विश्वकप जीतें. भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने नारंगी रंग की जर्सी की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा.

कोहली ने कहा, यह संकुचित सोच और प्रतिक्रियावादी राजनीति है. भगवा की आलोचना करने वालों को यह नहीं भूलना चाहिए कि राष्ट्रीय ध्वज में भी यह मौजूद है. यह कोई त्वरित निर्णय नहीं है. अगर झंडे के रंग का इस्तेमाल किया गया है तो इससे गर्व और राष्ट्रीयता की भावना बढ़नी चाहिए और इस तरह की प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए.

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