ओलिंपिक में पदक जीतना सपना है : बिगन सोय

Published at :09 Aug 2013 6:52 AM (IST)
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ओलिंपिक में पदक जीतना सपना है : बिगन सोय

ऐसे स्वागत से अभिभूत हूं पदक जीतने के बाद रात भर नहीं सोयी टीम में झारखंड से अकेले खिलाड़ी थी सोच लिया था कि राज्य का नाम रौशन करना है रांची:जर्मनी के मोशेंग्लाबाख में जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीतनेवाली भारतीय टीम की सदस्य रही झारखंड की बिगन सोय गुरुवार को रांची […]

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ऐसे स्वागत से अभिभूत हूं
पदक जीतने के बाद रात भर नहीं सोयी
टीम में झारखंड से अकेले खिलाड़ी थी
सोच लिया था कि राज्य का नाम रौशन करना है
रांची:जर्मनी के मोशेंग्लाबाख में जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीतनेवाली भारतीय टीम की सदस्य रही झारखंड की बिगन सोय गुरुवार को रांची पहुंची. रांची पहुंचने पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ. भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करनेवाली वह झारखंड से इकलौती खिलाड़ी रही. बिगन बिरसा कॉलेज खूंटी में पार्ट वन की छात्रा है. वह खेल और पढ़ाई दोनों में शानदार प्रदर्शन करना चाहती है. रांची पहुंचने के बाद बिगन ने प्रभात खबर के संवाददाता से विश्व कप में कांस्य पदक जीतने तक के सफर की कई बातें शेयर की.
सवाल : जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीत कर लौटी हैं, कैसा लग रहा है?
बिगन : बहुत खुशी हो रही है. हमने देश और राज्य का नाम रौशन किया है. आगे और बढि़या करने की उम्मीद है.
सवाल : रांची पहुंचने पर जैसा स्वागत हुआ, इसकी उम्मीद थी?
बिगन : रांची पहुंचने पर जैसा हमारा स्वागत किया गया, उसकी उम्मीद नहीं थी. ऐसे स्वागत से अभिभूत हूं और कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हूं.
सवाल : पेनाल्टी शूटआउट के समय आपके मन में क्या चल रहा था?
बिगन : उस वक्त मेरे मन में सिर्फ एक ही बात थी कि देश के लिए पदक हासिल करना है. मैंने अपने साथी खिलाडि़यों से कहा कि तुम लोग गोल करने पर ध्यान दो, गोल बचाने का जिम्मा मेरा है और मैंने अपना वादा पूरा किया व हम कांस्य जीत गये.
सवाल : मैच जीतने के बाद आपलोगों ने क्या किया?
बिगन : जिस दिन हमलोगों ने इंग्लैंड को हरा कर कांस्य जीता, उस पूरी रात हम सो नहीं सके. टीम में जश्न का माहौल था. पूरी रात हम लोग सिर्फ जीत के बारे में चर्चा करते रहे. साथी खिलाडि़यों ने मेरे प्रयास के लिए मुझे बधाई दी.
सवाल : शूटआउट के अलावा पूरे टूर्नामेंट में आप नहीं खेलीं, कैसा अनुभव रहा?
बिगन : टूर्नामेंट में नहीं खेलने से कभी निराशा नहीं हुई. मुझे पता था कि जब भी शूटआउट जैसा मौका आयेगा, कोच मुझे ही मैदान पर उतारेंगे और इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम क्षणों में जब ऐसा मौका आया, तो कोच ने मुझ पर भरोसा दिखाया, तब मुझे काफी खुशी हुई.
सवाल : आगे की क्या योजना है?
बिगन : आगे अभी राज्य और देश के लिए काफी कुछ करना है. सबसे पहले मैं देश की सीनियर टीम में जगह बनाने की कोशिश करूंगी. देश की ओर से खेलते हुए ओलिंपिक में पदक जीतना मेरा सपना है.
सवाल : सरकार से क्या चाहती हैं?
बिगन : मेरा काम मेडल दिलाना था, आगे सरकार अपना काम करेगी. ेसीएम सर ने मुझे बुला कर शाबाशी दी है.
आज पांच लाख देगी सरकार
रांची:कला-संस्कृति, युवा कार्य व खेलकूद मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा है कि भारतीय जूनियर हॉकी टीम की गोलकीपर बिगन सोय को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया जायेगा. इसके अलावा सरकार उन्हें हर प्रकार की सुविधा प्रदान करेगी, ताकि बिगन अपनी प्रतिभा को और निखार सके.
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गीताश्री उरांव ने प्रभात खबर को बताया कि अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर नौ अगस्त को दिन के 11.30 बजे से मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित समारोह में बिगन सोय को चेक प्रदान किया जायेगा. बिगन सोय के अलावा स्पेन में आयोजित गास्तिज कप महिला फुटबॉल में तीसरे स्थान पर रहनेवाली खिलाडि़यों को भी सम्मानित किया जायेगा. समारोह का उदघाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश व पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन संयुक्त रूप से करेंगे.
गीताश्री उरांव ने कहा कि बिगन की उपलब्धि से झारखंड और देश का नाम रौशन हुआ है. उन पर राज्य को गर्व है. टीम के प्रशिक्षक ने बिगन को जूनियर वर्ग में देश का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर बताया है. श्रीमती उरांव ने कहा कि पूर्व हॉकी खिलाड़ी सावित्री पूर्ति सहित अन्य खिलाडि़यों ने भी बिगन की प्रतिभा को निखारने में मदद की है. उन्होंने बताया कि अक्तूबर माह में झारखंड में दो दिवसीय युवा सैफ एथलेटिक्स चैंपियनशिप के आयोजन पर चर्चा की गयी है. इसके अलावा पुरातत्व विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग खोलने की मांग पर चर्चा की गयी. झारखंड की संस्कृति की गहराई से अध्ययन की जरूरत है. ऐसा होने से लोग अपनी संस्कृति से जुड़ेंगे.
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प्रभात खबर ने किया सम्मानित
रांची:भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की गोलकीपर बिगन सोय गुरुवार को कोकर स्थित प्रभात खबर कार्यालय पहुंची. प्रभात खबर सभागार में बिगन का बुके और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया. उन्हें प्रभात खबर के प्रबंध निदेशक केके गोयनका ने मोमेंटो व निदेशक आरके दत्ता ने बुके प्रदान किया. इस अवसर पर बिगन ने इंग्लैंड के खिलाफ कांस्य पदकवाले मैच में पेनाल्टी शूटआउट के क्षणों को प्रभात खबर कर्मियों के साथ साझा किया. मौके पर प्रभात खबर के झारखंड संपादक अनुज कुमार सिन्हा, स्थानी य संपादक विजय पाठक समेत अखबार के कर्मी मौजूद थे.
रांची पहुंचने पर भव्य स्वागत
रांची: रांची पहुंचने पर कांस्य पदक विजेता बिगन सोय का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया. 1.35 बजे की फ्लाइट से बिगन के रांची पहुंचने की खबर मिलते ही काफी संख्या में लोग एयरपोर्ट पहुंचे. बिगन के स्वागत के लिए खेल विभाग के अधिकारी, हॉकी झारखंड और साई के पदाधिकारी भी पहुंचे थे. बिगन के टर्मिनल भवन से बाहर निकलने के साथ ही आदिवासी रीति-रिवाज से उनका स्वागत किया गया. उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया गया. इसके बाद मांदर व नगाड़ों की थाप और नृत्य के साथ उन्हें एयरपोर्ट से बाहर लाया गया. मौके पर साई की प्रशिक्षुओं ने बिगन को कंधे पर उठा लिया. एयरपोर्ट से वह सीधे प्रोजेक्ट भवन गयी और सीएम हेमंत सोरेन से मिली. एयरपोर्ट पर सरोजिनी लकड़ा, अमिताभ कुमार, सावित्री पूर्ति, सुरेश कुमार, सुशील कुमार वर्मा, विश्वनाथ सिंह, सरवर इमाम, दलसिंगार राम, एसके मोहंती (जूनियर), अजय राय, सुमराय टेटे, फुल्केरिया नाग समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
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