Toe Ring: शादी के बाद महिलाएं क्यों पहनती हैं बिछिया, जानें Toe Ring धार्मिक महत्व

Published by : Neha Kumari Updated At : 09 Sep 2025 5:27 PM

विज्ञापन

Toe Ring

Toe Ring: हिंदू धर्म में बिछिया को सोलह श्रृंगार का हिस्सा माना गया है. इसे महिलाएं पैर की दूसरी और तीसरी उंगली में पहनती हैं. इसे शादी के बाद पहना जाता है. चलिए जानते हैं इसके पीछे के धार्मिक कारणों के बारे में विस्तार से.

विज्ञापन

Toe Ring: भारत एक विविधता वाला देश है. यहां हर राज्य में आपको अलग-अलग परंपराएं, धार्मिक मान्यताएं और रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं. ऐसा ही एक रिवाज बिछिया पहनने का भी है. आमतौर पर महिलाएं शादी के बाद अपने पैरों की उंगलियों में अंगूठी जैसी दिखने वाली इस बिछिया को पहनती हैं. चलिए इस लेख के माध्यम से बिछिया पहनने के रिवाज के पीछे के कारण को जानने की कोशिश करते हैं.

शादी के बाद महिलाएं बिछिया क्यों पहनती हैं?

हिंदू धर्म में बिछिया को सोलह श्रृंगार का हिस्सा माना गया है. इसे महिलाएं पैर की दूसरी और तीसरी उंगली में पहनती हैं. इसे शुभता और सौभाग्य का प्रतीक कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, शादी के बाद बिछिया पहनने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है. साथ ही पति और पत्नी का संबंध मजबूत होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. माना जाता है कि माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है और यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है.

रामायण से जुड़ी मान्यता

बिछिया का संबंध रामायण काल से भी बताया जाता है. कथा के अनुसार, जब रावण माता सीता का अपहरण कर उन्हें लंका ले जा रहा था, तभी माता सीता ने अपने पैरों से बिछिया उतारकर रास्ते में फेंक दी थी. सीता जी ने ऐसा इसलिए किया ताकि भगवान श्रीराम तक उनका कोई संकेत पहुंच सके और उन्हें ढूंढ़ना आसान हो जाए. यही वजह है कि बिछिया को आज भी पवित्रता, वैवाहिक जीवन और पति-पत्नी के संबंधों का प्रतीक माना जाता है.

यह भी पढ़ें: Jitiya Vrat 2025: माताएं क्यों करती हैं जितिया व्रत? जानें महत्व, शुभ मुहूर्त, नहाय-खाय तिथि और पूजा विधि

यह भी पढ़ें: Jitiya Vrat Katha: जितिया व्रत की शुरुआत कैसे हुई? जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथाएं

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola