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Jitiya Vrat 2025: माताएं क्यों करती हैं जितिया व्रत? जानें महत्व, शुभ मुहूर्त, नहाय-खाय तिथि और पूजा विधि

Updated at : 08 Sep 2025 12:54 PM (IST)
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Jitiya Vrat

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Jitiya Vrat 2025: जितिया व्रत हिंदू धर्म में महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक विशेष और महत्वपूर्ण व्रत है. माताएं इसे अपने बच्चों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं. इस लेख में हम जितिया व्रत से जुड़े नियमों और विधियों के बारे में विस्तार से जानेंगे.

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Jitiya Vrat 2025: सनातन धर्म में जितिया व्रत का विशेष महत्व है. इस व्रत को भारत में आमतौर पर हिंदू धर्म की महिलाएं करती हैं. यह व्रत बच्चों की सलामती और लंबी उम्र के लिए रखा जाता है. हर साल यह व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है. इस साल जितिया व्रत 14 सितंबर 2025 को पड़ रहा है. इस दौरान माताएं नीला व्रत करती हैं. यह व्रत मुख्य रूप से बिहार और झारखंड की महिलाएं करती हैं. खास बात यह है कि यह व्रत पितृ पक्ष के दौरान ही किया जाता है.

जितिया व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई मां अपने संतान के लिए सच्चे मन और श्रद्धा के साथ जितिया व्रत करती है तो संतान के जीवन से हर प्रकार की दुख-तकलीफ दूर होती है. जीवन में सफलता आती है और उनकी आयु बढ़ती है. माताएं इस दौरान निर्जला उपवास रखती हैं और भगवान जीमूतवाहन की आराधना एवं पूजा-अर्चना करती हैं.

किस दिन है नहाय-खाय?

जितिया व्रत का नहाय-खाय आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को होता है. वर्ष 2025 में यह तिथि 13 सितंबर को है. इसके अगले दिन यानी 14 सितंबर, रविवार की भोर में ब्रह्म मुहूर्त में जितिया का ओठगन होगा. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4:33 से 5:19 बजे तक रहेगा.

जितिया व्रत और पारण तिथि, शुभ मुहूर्त

यह व्रत आश्विन माह की अष्टमी तिथि 14 सितंबर 2025 को सुबह 5 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा. इसका समापन 15 सितंबर सुबह 3 बजकर 6 मिनट पर होगा. इसके बाद 15 सितंबर (सोमवार) को जितिया व्रत का पारण किया जाएगा.

पूजा विधि

  • इस व्रत में श्रद्धालु अष्टमी के दिन पूरे दिन बिना पानी पिए उपवास रखते हैं.
  • इसके अगले दिन यानी नवमी को वे सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते हैं.
  • इसके बाद मंत्रों का जाप करके भगवान को प्रसाद चढ़ाया जाता है.
  • पूजा पूरी होने पर लाल, पीले और हरे रंग के धागे भगवान को अर्पित किए जाते हैं. बाद में माताएं यही धागे अपने बच्चों को पहनाती हैं, ताकि उन्हें सुरक्षा मिले और उनकी उम्र लंबी हो.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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