सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें? जानें घर को शुद्ध करने के आसान उपाय

Updated at : 16 Feb 2026 10:45 PM (IST)
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Solar eclipse

सूर्य ग्रहण 2026

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के समय वातावरण और घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करना बेहद जरूरी होता है. इससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने का खतरा रहता है. इस आर्टिकल में हमने सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद घर और परिवार से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए कुछ आसान उपाय बताए हैं.

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Surya Grahan 2026: 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण को हिंदू धर्म में बेहद अशुभ समय माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि राहु-केतु के प्रभाव के कारण सूर्य ग्रहण होता है. ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, जिसका व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि ग्रहण शुरू होने से पहले और बाद में कुछ विशेष सावधानियां बरती जाएं.

सूर्य ग्रहण के बाद क्या करें?

1. स्नान और शारीरिक शुद्धि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है. इसलिए ग्रहण समाप्त होते ही स्नान करना जरूरी माना जाता है. पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. ऐसा करने से शरीर की शुद्धि होती है और मानसिक शांति मिलती है.

2. घर और मंदिर का शुद्धिकरण

ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर की साफ-सफाई करें और हर कोने में गंगाजल का छिड़काव करें. घर के मंदिर में रखी देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी गंगाजल या पवित्र जल से स्नान कराएं. सफाई के बाद भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती से वातावरण को सुगंधित करें.

3. दान-पुण्य

सूर्य ग्रहण के बाद दान करना शुभ माना जाता है. इस दिन जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र, गुड़, तिल आदि का दान किया जा सकता है.

4. ताजा भोजन ग्रहण करें

शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान भोजन दूषित माना जाता है, इसलिए ग्रहण से पहले बना हुआ भोजन ग्रहण न करें. हालांकि यदि भोजन में पहले से तुलसी के पत्ते डाले गए हों तो उसे ग्रहण किया जा सकता है, क्योंकि तुलसी को भोजन की शुद्धता बनाए रखने वाला माना जाता है.
यदि तुलसी के पत्ते न डाले गए हों तो ताजा और सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. साथ ही पीने का पानी भी बदल दें.

5. मंत्र जाप और ध्यान


ग्रहण समाप्त होने के बाद सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना जाता है. इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होने और नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है.
मंत्र: “ॐ सूर्याय नमः”

17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां ‘सूतक काल’ के नियम कड़ाई से लागू नहीं होंगे. फिर भी आध्यात्मिक शांति और शुद्धिकरण के लिए इन परंपराओं का पालन किया जा सकता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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