Shardiya Navratri 2023: हाथी पर मां दुर्गा के आगमन से आएगी समृद्धि, मुर्गा पर प्रस्थान से आपदा का संकेत
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 25 Sep 2023 10:30 AM
Shardiya Navratri 2023: हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है. आश्विन मास में पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है. पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो जाती है.

इस साल 15 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्रि में मां भगवती का दरबार सजेगा. हर बार माता के आगमन और प्रस्थान का वाहन अलग होता है, जो कई संकेत देता है. इस बार मां का आगमन रविवार 15 अक्तूबर को हाथी पर हो रहा है, जिससे समृद्धि आयेगी, वहीं प्रस्थान मंगलवार 24 अक्तूबर को मुर्गा पर होगा, जिसे प्राकृतिक आपदा का संकेत माना गया है.

पंचांग के अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 अक्तूबर शनिवार को रात्रि 11 बजकर 24 मिनट से शुरू हो रही है और 16 अक्तूबर सोमवार को प्रात: 12 बजकर 03 बजे समाप्त होगी. शारदीय नवरात्रि में इस बार घट स्थापना के लिए 15 अक्तूबर रविवार को सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक शुभ मुहूर्त है. भक्तों को कलश स्थापना के लिए 46 मिनट मिलेंगे. इस दिन चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है.

ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश शास्त्री ने बताया कि रविवार के दिन नवरात्रि की शुरुआत है, तो मां दुर्गा का वाहन हाथी होगा. मां दुर्गा सिंह पर नहीं बल्कि हाथी पर सवार होकर आयेंगी. इसे अति शुभ माना गया है. खेती के लिए इसे अच्छा माना जाता है. व्रती को समृद्धि प्राप्त होती है.

ज्योतिषाचार्य वेद प्रकाश शास्त्री के अनुसार इस बार शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के प्रस्थान की सवारी मुर्गा होगा. नवरात्रि का समापन शनिवार और मंगलवार के दिन होता है, तो मां दुर्गा मुर्गे पर प्रस्थान करती हैं. दुर्गा सप्तशती के वर्णन के अनुसार देवी दुर्गा की विदाई का वाहन मुर्गा प्राकृतिक आपदाओं का प्रतीक है. इसका अर्थ है कि हम भविष्य के संकटों के प्रति अभी से सचेत हो जाए.

नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा होती है. पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, षष्ठी पर कात्यायनी, सप्तमी पर कालरात्रि, अष्टमी पर महागौरी एवं नवमी पर सिद्धिदात्री की पूजा होती है. ज्योतिषाचार्य डॉ सदानंद झा ने बताया कि आम तौर पर नवरात्र नौ दिन की होती है. कभी-कभार घटती-बढ़ती है. नवरात्र का बढ़ना शुभ माना जाता है, जो समृद्धि का सूचक है. इस बार नवरात्र में कलश स्थापना 15 अक्तूबर को, 23 को नवमी एवं 24 अक्तूबर को विजया दशमी है.

15 अक्टूबर 2023- मां शैलपुत्री की पूजा
16 अक्टूबर 2023- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
17 अक्टूबर 2023- मां चंद्रघंटा की पूजा
18 अक्टूबर 2023- मां कूष्मांडा की पूजा
19 अक्टूबर 2023- मां स्कंदमाता की पूजा
20 अक्टूबर 2023- मां कात्यायनी की पूजा
21 अक्टूबर 2023- मां कालरात्रि की पूजा
22 अक्टूबर 2023- मां सिद्धिदात्री की पूजा
23 अक्टूबर 2023- मां महागौरी की पूजा
24 अक्टूबर 2023- विजयदशमी (दशहरा)
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By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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