Sadhvi Prem Baisa: कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा, श्रीमद् भागवत कथा वाचक के रूप में मिली थी पहचान

श्रीमद् भागवत कथा वाचक के रूप में कैसे बनीं साध्वी प्रेम बाईसा प्रसिद्ध
Sadhvi Prem Baisa: साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान की प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, जिन्होंने श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से सनातन धर्म, भक्ति और भारतीय संस्कृति का व्यापक प्रचार किया।
Sadhvi Prem Baisa: कथा वाचक और साध्वी प्रेम बाईसा (Sadhvi Prem Baisa)का बुधवार को निधन हो गया. जानकारी के मुताबिक, उनके पिता और एक अन्य व्यक्ति उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे थे. उस समय शाम के करीब 5 बजकर 30 मिनट हो रहे थे. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल के संचालक डॉ. प्रवीण जैन ने पुष्टि की कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी.
कौन थीं साध्वी प्रेम बाईसा?
साध्वी प्रेम बाईसा का परिवार मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के परेऊ गांव से जुड़ा था. वे लंबे समय से संत परंपरा में सक्रिय थीं और पश्चिमी राजस्थान में कथावाचन के जरिए सनातन धर्म का प्रचार कर रही थीं. धार्मिक समाज में वे कोई नया नाम नहीं थीं. संत समाज और श्रद्धालुओं के बीच उन्हें एक प्रसिद्ध कथा वाचक के रूप में जाना जाता था.
मौत के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट ने खड़े किए सवाल
अस्पताल के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत शाम करीब 5:30 बजे हो चुकी थी. लेकिन इसी दिन उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से रात 9:28 बजे एक पोस्ट सामने आया. इस पोस्ट में लिखा गया था: “मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया. मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा. अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?” इस भावनात्मक संदेश को देखकर कई लोगों को यह सुसाइड नोट जैसा प्रतीत हुआ. हालांकि, इस पूरे मामले की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं.
कम उम्र में शुरू हुई आध्यात्मिक यात्रा
साध्वी प्रेम बाईसा ने बहुत कम उम्र में आध्यात्मिक जीवन को अपनाया था. उनके जीवन में सबसे बड़ी प्रेरणा उनके गुरु और आध्यात्मिक मार्गदर्शक रहे. उनके प्रमुख गुरु महंत विरमनाथ महाराज गुरु के सान्निध्य में धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन भक्ति मार्ग और सनातन परंपरा को जीवन का आधार बनाया. उन्होंने तय किया कि वे कथाओं के माध्यम से धर्म और संस्कृति को लोगों तक पहुंचाएंगी.
साध्वी प्रेम बाईसा कथा वाचन के रूप में में क्यों थीं खास?
साध्वी प्रेम बाईसा की कथाओं में एक अलग ही प्रभाव देखने को मिलता था. उनकी बातों में न केवल भक्ति होती थी, बल्कि जीवन, नैतिकता और समाज से जुड़े संदेश भी साफ़ झलकते थे.
साध्वी प्रेम बाईसा की खास बातें
सरल भाषा में गहरी बात कहना, हर उम्र के श्रोताओं से जुड़ पाना, धार्मिक कथाओं को जीवन से जोड़कर समझाना. इसी वजह से युवा, बुज़ुर्ग और महिलाएं—सभी उनके प्रवचनों से जुड़ाव महसूस करते थे.
भागवत कथा और भक्ति भजनों का सफर
साध्वी प्रेम बाईसा ने करियर की शुरुआत राजस्थान के छोटे धार्मिक आयोजनों से की. धीरे-धीरे उनकी पहचान बढ़ी और देश के अलग-अलग हिस्सों में उन्हें कथा के लिए आमंत्रित किया जाने लगा. आज भी उनके प्रवचन यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं, जहां लाखों श्रद्धालु उन्हें सुनते हैं.
श्रीमद् भागवत कथा वाचक के रूप में पहचान
साध्वी प्रेम बाईसा (Sadhvi Prem Baisa) को श्रीमद् भागवत कथा के एक प्रभावशाली वाचक के रूप में जाना जाता था. उनकी कथाएं केवल धार्मिक नहीं होती थीं, बल्कि वे जीवन के व्यवहारिक पक्ष को भी छूती थीं. 2021 में जसोल में आयोजित एक कथा के दौरान उन्होंने कहा था “भारत की धरती बहुत पुण्यशाली है. इस भूमि पर जन्म लेना अपने आप में एक आशीर्वाद है.” यह विचार उनके प्रवचनों की आत्मा को दर्शाता है.
साध्वी प्रेम बाईसा एक जानी-मानी कथा वाचक और संत परंपरा से जुड़ी साध्वी थीं. उनका जीवन धर्म, भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रचार को समर्पित रहा. उनकी अचानक मौत और उससे जुड़ा सोशल मीडिया पोस्ट कई सवाल खड़े करता है, जिनकी जांच जारी है. उनकी कथाएं और विचार आज भी डिजिटल माध्यमों पर मौजूद हैं, जो उनके कार्य और सोच की गवाही देते हैं.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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