सावन स्पेशल: झारखंड के प्रसिद्ध 5 शिव मंदिर, जहां श्रावण में उमड़ता है आस्था का सैलाब

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भगवान शिव के मंदिरों की सांकेतिक तस्वीर (एआई)

भगवान शिव के मंदिरों की सांकेतिक तस्वीर (एआई)

झारखंड में सावन का महीना शिवभक्ति के रंग में रंगा है. इस खास अवसर पर राज्य के 5 प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. बाबा बैद्यनाथ धाम से लेकर पहाड़ी मंदिर तक, जानें कहाँ दर्शन कर सकते हैं.

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Sawan Somwar: सावन का महीना शुरू होते ही झारखंड पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंग जाता है. खासकर सावन सोमवारी के दिन सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं. 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठता है. झारखंड में भगवान शिव के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर हैं, जहां सावन के दौरान हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. अगर आप झारखंड में रहते हैं या सावन के दौरान यहां आने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. आइए जानते हैं झारखंड के ऐसे 5 प्रसिद्ध शिव मंदिरों के बारे में, जहां आप सावन के दौरान दर्शन के लिए जा सकते हैं. 

1. बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सबसे प्रतिष्ठित शिवधामों में से एक है. यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है. सावन के पूरे महीने लगने वाले श्रावणी मेले और खासकर सावन सोमवारी पर यहां लाखों कांवड़िए बिहार के सुल्तानगंज से करीब 105 किलोमीटर पैदल यात्रा कर उत्तरवाहिनी गंगा का जल चढ़ाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है, इसलिए इसे 'मनोकामना लिंग' भी कहा जाता है.

2. बाबा बासुकीनाथ धाम, दुमका

दुमका जिले में स्थित बाबा बासुकीनाथ धाम देवघर से लगभग 42 किलोमीटर की दूरी पर है. इसे भगवान शिव का 'फौजदारी दरबार' कहा जाता है. मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद बासुकीनाथ धाम में पूजा किए बिना यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती. 

3. पहाड़ी मंदिर, रांची

राजधानी रांची के मध्य स्थित पहाड़ी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. करीब 350 फीट ऊंची पहाड़ी पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 468 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. सावन के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.

4. आमरेश्वर धाम (अंगराबाड़ी), खूंटी

झारखंड के खूंटी जिले में स्थित आमरेश्वर धाम, जिसे अंगराबाड़ी के नाम से भी जाना जाता है, झारखंड के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है. इसे 'मिनी बाबा धाम' के नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि यहां विशाल आम के वृक्ष के नीचे स्वयंभू शिवलिंग विराजमान हैं. सावन सोमवारी के अवसर पर यहां भगवान शिव का विशेष श्रृंगार और जलाभिषेक किया जाता है. 

5. बाबा हरिहर धाम, बगोदर (गिरिडीह)

गिरिडीह जिले के बगोदर में स्थित बाबा हरिहर धाम अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. लगभग 65 फीट ऊंचा यह मंदिर विशाल शिवलिंग के आकार में निर्मित है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करता है. सावन मास के दौरान  यहां भव्य मेले का आयोजन होता है.

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नेहा कुमारी

लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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