थुमहा में सुखा नशा के खिलाफ बैठक, संलिप्त लोगों पर होगी सामाजिक-प्रशासनिक कार्रवाई

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बैठक करते ग्रामीण व गणमान्य लोग | Prabhat Khabar Network

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सुपौल के थुमहा बाजार में ग्रामीणों ने सुखा नशा के खिलाफ एकजुट होकर बड़ा फैसला लिया है. नशा की खरीद-बिक्री और सेवन को बर्दाश्त नहीं करने का संकल्प लिया गया है. नशे के कारोबारियों पर सामाजिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

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Supaul News: सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत थुमहा बाजार में रविवार को सुखा नशा के खिलाफ ग्रामीणों ने एकजुट होकर बड़ा फैसला लिया. महादेव मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव में किसी भी प्रकार के सुखा नशा की खरीद-बिक्री और सेवन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बैठक के बाद ग्रामीणों ने पूरे बाजार और आसपास के इलाकों में जागरूकता जुलूस निकालकर नशा मुक्त गांव बनाने का संदेश दिया.

गांव के बुजुर्गों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं की बड़ी भागीदारी वाली इस बैठक ने यह संकेत दिया कि अब स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ सामाजिक अभियान को और तेज किया जाएगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से नियमित छापेमारी और नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की.

महादेव मंदिर परिसर में हुई अहम बैठक

थुमहा बाजार स्थित महादेव मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में स्थानीय मुखिया दिनेश चौधरी, पूर्व मुखिया रामप्रसाद मंडल, कृष्ण बहादुर चौधरी, उमेश कुमार चौधरी, संजीव कुमार, संजय कुमार, नीरज मेहता, विप्लव कुमार, बासुदेव साह, प्रभाकर यादव, आशीष कुमार, सोनू चौधरी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे.

बैठक की अध्यक्षता करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सुखा नशा का बढ़ता कारोबार गांव के युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. इससे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और सामाजिक तथा आपराधिक समस्याएं भी बढ़ रही हैं.

युवाओं को बचाने के लिए सामाजिक पहल

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है. इसलिए इस समस्या का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से भी संभव है.

ग्रामीणों ने कहा कि गांव के प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों और युवाओं पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि वे नशे की चपेट में न आएं.

नशा कारोबारियों पर होगी सामाजिक और प्रशासनिक कार्रवाई

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति सुखा नशा की खरीद-बिक्री या इसके अवैध कारोबार में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई के लिए भी संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाएगा.

स्थानीय मुखिया दिनेश चौधरी ने कहा कि गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए पंचायत, ग्रामीण समाज और पुलिस प्रशासन मिलकर काम करेंगे. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशा बेचने वालों की सूचना तुरंत पंचायत या पुलिस को दें.

गांव में निकाला गया जागरूकता जुलूस

बैठक के बाद महादेव मंदिर परिसर से जागरूकता जुलूस निकाला गया. यह जुलूस पूरे थुमहा बाजार और आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरा.

ग्रामीणों ने ‘नशा मुक्त गांव बनाओ’, ‘सुखा नशा छोड़ो, जीवन बचाओ’ जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक किया और युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की.

Supaul News: प्रशासन से नियमित छापेमारी की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में नियमित छापेमारी कर सुखा नशा के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जाए. उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक कार्रवाई साथ-साथ चले, तो गांव को नशा मुक्त बनाया जा सकता है.

बैठक में उपस्थित लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में भी इस अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा और गांव में नशे के खिलाफ सामूहिक निगरानी व्यवस्था विकसित की जाएगी.

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इंद्रभूषण कुमार

लेखक के बारे में

By इंद्रभूषण कुमार

इंद्रभूषण प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. कटैया निर्मली (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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