इस दिन से एकांतवास में जाएंगे भगवान जगन्नाथ, जानें इस सा कब है रथ यात्रा

Rathyatra 2025 date Jagannath Bhagwan solitude
Rathyatra 2025 date:ज्येष्ठ पूर्णिमा पर स्नान कराने के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए एकांतवास में चले जाते हैं. इस दौरान उन्हें जड़ी-बूटियों से उपचार दिया जाता है और भक्त उनके दर्शन नहीं कर पाते. एकांतवास के बाद भव्य रथ यात्रा का आयोजन होता है. जानें इस साल कब निकलेगी रथ यात्रा.
Rathyatra 2025 date, Jagannath Bhagwan Ekantvas: जगन्नाथ रथयात्रा में अब कुछ ही दिन शेष हैं और भक्तों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ का भव्य शाही स्नान अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा. इसे लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. मंदिर प्रबंधन के अनुसार, 11 जून को भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक ‘स्नान यात्रा’ निकाली जाएगी. इस दिन विशेष स्नान और मंगल आरती के पश्चात महाप्रभु 15 दिनों के लिए एकांतवास (अनवसर) में चले जाएंगे. इस अवधि में भक्तगण भगवान के दर्शन नहीं कर सकेंगे. इसके बाद 26 जून को ‘नेत्रोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा.
स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ जाते हैं, जिसके चलते वे 15 दिनों तक एकांतवास में रहते हैं. इस दौरान भगवान को विभिन्न जड़ी-बूटियों से उपचार प्रदान किया जाता है. इन 15 दिनों में भक्तों को भगवान के दर्शन नहीं हो पाते. गौरतलब है कि महा रथयात्रा भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन देवी सुभद्रा और भाई बलभद्र को समर्पित होती है. इस वर्ष रथयात्रा की शुरुआत 27 जून 2025 को होगी और समापन 05 जुलाई को किया जाएगा. यह भव्य उत्सव हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को धूमधाम से मनाया जाता है.
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108 घड़ों से कराया जाता है स्नान
ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर भगवान की मूर्तियों को गर्भगृह से स्नान मंडप में लाया जाता है और वैदिक मंत्रों के साथ 108 घड़ों से भगवान जगन्नाथ के साथ बलभद्र और देवी सुभद्रा को स्नान कराया जाता है.खास बात ये है कि इस पानी में कई तरह की औषधियां मिलाई जाती है.सुंगधित फूल, चंदन, केसर,कसतूरी को पानी में मिलाया जाता है.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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