Rahu Ketu Dosh: क्या सचमुच शादी में रुकावट बन जाते हैं राहु केतु? ज्योतिषाचार्य ने दी सही और सटीक जानकारी
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 22 Dec 2025 9:21 PM
राहु केतु दोष के प्रभाव
Rahu Ketu Dosh: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है. कुंडली में शनि, मंगल, राहु का प्रभाव, मांगलिक, पितृ दोष, शुक्र-बृहस्पति की कमजोर स्थिति विवाह में रुकावट पैदा करते हैं या सिर्फ राहु केतु.
Rahu Ketu Dosh: ज्योतिष शस्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है, जो सीधा असर व्यक्ति के मानसिक, आध्यात्मिक और वैवाहिक जीवन पर डालते हैं. अक्सर कहा जाता है कि जन्म कुंडली में राहु-केतु का दोष होने से विवाह में देरी, भ्रम या रिश्ते टूटने जैसी समस्याएं, दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ना, पार्टनर से अलगाव की भावना पैदा करना, विवाह के प्रस्ताव बार-बार टूटने जैसी समस्याएं आती हैं, लेकिन क्या यह वास्तव में सच है? आइए जानते है इस संबंध में क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:…
Rahu Ketu Dosh: क्या राहु-केतु विवाह को करते है प्रभावित?
राहु-केतु अकेले ही विवाह को प्रभावित नहीं करते है. यह एक मिथक है कि कुंडली में इन ग्रहों की मौजूदगी से शादी में समस्या होना तय है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, विवाह योग कई ग्रहों जैसे शुक्र, बृहस्पति, सप्तम भाव और उसके स्वामी के संयुक्त प्रभाव से बनता है. यदि यह योग मजबूत हो, तो राहु-केतु का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है. लेकिन कुंडली के सप्तम भाव में राहु-केतु की मौजूदगी से प्रेम विवाह में देरी, रिश्ते में तनाव, पार्टनर से अलगाव जैसी तमाम समस्याएं पैदा करती है.
राहु-केतु कब करते है प्रभावित?
ज्योतिष शास्त्र में लिखा गया है कि कुछ मामलों में राहु सप्तम भाव में होने पर रिश्तों में भ्रम, गलतफहमी और अविश्वास बढ़ा सकते हैं. वहीं केतु दूरी का भाव ला सकता है, लेकिन यह तभी प्रभावी होता है जब कुंडली में अन्य शुभ ग्रह कमजोर होंगे. राहु-केतु दोष देखकर किसी भी व्यक्ति की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है, बल्कि समग्र कुंडली, ग्रह दशा और ग्रह गोचर यानि वर्तमान में ग्रहों की स्थिति को देखते हुए ही भविष्यवाणी की जा सकती है.
राहु-केतु दोष से मुक्ति पाने के लिए उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, उपायों की बात करें तो राहु-केतु से जुड़े भय को कम करने के लिए नियमित ध्यान, मंत्र जाप, गुरुवार का व्रत और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान जैसे सरल उपाय काफी प्रभावी माने जाते हैं, इसके साथ ही शनिवार को उड़द दाल, सरसों का तेल, काले तिल, काले वस्त्र, या कंबल दान करना, कुत्तों को रोटी खिलाना, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करने पर राहु केतु दोष से राहत मिलती है.
राहु-केतु दोष का सच
राहु-केतु दोष शादी में बाधा बन सकता है, लेकिन हमेशा नहीं. यह आधा-सच है, जिस पर कई मिथक खड़े हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि शुक्र और बृहस्पति जैसे विवाह के कारक ग्रह मजबूत हों, तो राहु-केतु का बुरा असर कम हो जाता है. सही सलाह, संतुलित विश्लेषण, मंत्र जाप, दान, रत्न धारण या अन्य ज्योतिषीय उपाय कर राहु-केतु के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं.
चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ
Mo- +918620920581
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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