Premature Grey Hair: आज के समय में कम उम्र में बालों का सफेद होना एक आम समस्या बनती जा रही है. आमतौर पर इसे गलत खानपान, तनाव या जीवनशैली से जोड़ा जाता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसके पीछे ग्रहों की स्थिति को भी एक महत्वपूर्ण कारण माना गया है. विशेष रूप से सूर्य और चंद्रमा ग्रह का प्रभाव बालों पर सीधा पड़ता है.
सूर्य ग्रह और बालों का संबंध
ज्योतिष में सूर्य ग्रह को बालों का कारक ग्रह माना गया है. सूर्य न केवल आत्मबल और ऊर्जा का प्रतीक है, बल्कि शरीर में तेज और ऊष्मा का भी प्रतिनिधित्व करता है. जब कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, तो व्यक्ति के बाल घने, मजबूत और प्राकृतिक रंग वाले रहते हैं. वहीं सूर्य के कमजोर होने पर बालों से जुड़ी समस्याएं शुरू हो सकती हैं.
सूर्य की कमजोर स्थिति कब बनती है?
यदि सूर्य तुला, मकर या कुंभ राशि में स्थित होता है, तो उसे कमजोर माना जाता है. इन राशियों में सूर्य की दुर्बल स्थिति बालों के समय से पहले सफेद होने का कारण बन सकती है. इसके अलावा सूर्य का पाप ग्रहों से पीड़ित होना या नीच अवस्था में होना भी इस समस्या को बढ़ा देता है.
चंद्रमा की भूमिका और मानसिक प्रभाव
सिर्फ सूर्य ही नहीं, बल्कि चंद्रमा की कमजोर स्थिति भी सफेद बालों का एक बड़ा कारण मानी जाती है. चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक ग्रह है. जब चंद्रमा कमजोर होता है, तो व्यक्ति मानसिक तनाव, चिंता और अस्थिरता से ग्रस्त रहता है. लगातार तनाव का असर सीधे स्वास्थ्य और बालों की प्राकृतिक रंगत पर पड़ता है.
ज्योतिषीय उपाय और संतुलन
ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में सूर्य और चंद्रमा दोनों कमजोर हों, तो कम उम्र में बाल सफेद होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में सूर्य को प्रतिदिन जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, सोमवार को चंद्रमा से जुड़े उपाय करना और मानसिक शांति बनाए रखना लाभकारी माना जाता है.
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इस प्रकार बालों का जल्दी सफेद होना केवल शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि ग्रहों की स्थिति और मानसिक संतुलन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. सही जीवनशैली और ज्योतिषीय संतुलन से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और लोक विश्वासों पर आधारित है.

