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Grahan 2025: कुंडली में ग्रहण योग जीवन पर डालता है ये प्रभाव

Updated at : 09 Sep 2025 10:36 AM (IST)
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Grahan Yoga 2025

ग्रहण योग

Grahan 2025: सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण के दौरान कुंडली में ग्रहण योग बनना जीवन में कई तरह के प्रभाव लाता है. यह योग मानसिक स्थिति, स्वास्थ्य, करियर, संबंध और आर्थिक मामलों में बाधाएँ उत्पन्न कर सकता है. सही उपाय और सतर्कता से इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है.

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Grahan 2025: जन्मकुंडली में ग्रहों की अनुकूल स्थिति का हमारे जीवन पर अत्यंत महत्व होता है. जन्मकुंडली में बारह भाव होते हैं और प्रत्येक भाव का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में महसूस होता है. ग्रहों की अनुकूल या प्रतिकूल स्थिति से जीवन में सकारात्मक या नकारात्मक परिणाम उत्पन्न होते हैं.

चंद्रग्रहण दोष व्यक्ति के मानसिक और भावनात्मक जीवन में अनेक परेशानियाँ ला सकता है. इससे कार्य में बाधा, मानसिक अस्थिरता, नसों से जुड़ी समस्याएँ और कभी-कभी अनिद्रा जैसी परेशानियां हो सकती हैं.

चंद्रग्रहण योग कैसे बनता है?

चंद्रग्रहण योग तब बनता है जब जन्मकुंडली में:

किसी भाव में चंद्रमा के साथ राहु या केतु हो, या सूर्य और चंद्रमा एक साथ स्थित हों. चंद्रमा मन का कारक ग्रह है, जबकि राहु छाया ग्रह माना जाता है जो मानसिक स्थिति को अस्थिर करता है. यह योग जीवन में अचानक परेशानियां, छल-प्रपंच, अनिद्रा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है.

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जन्मकुंडली के प्रत्येक भाव में चंद्रग्रहण योग का प्रभाव

  • पहला भाव: आंतरिक शक्ति में कमी, स्वास्थ्य सामान्य रहता है.
  • दूसरा भाव: वाणी, धन और संपत्ति में कमी, परिवारिक सुख प्रभावित.
  • तीसरा भाव: भाई-बहन के सुख में कमी, भौतिक सुख सीमित.
  • चौथा भाव: माता का सुख और पारिवारिक सहयोग कम.
  • पांचवा भाव: संतान, शिक्षा और प्रेम संबंध में परेशानी.
  • छठा भाव: करियर में बाधाएँ, शत्रु सक्रिय.
  • सातवा भाव: व्यापार और वैवाहिक जीवन में कठिनाई, पेट संबंधी समस्या.
  • आठवां भाव: स्वास्थ्य संबंधी समस्या, अचानक घटनाएँ.
  • नवम भाव: धार्मिक कार्य में रुचि कम, भाग्य साथ नहीं देता.
  • दशम भाव: कार्य और व्यापार में नुकसान, पिता का सहयोग कम.
  • एकादश भाव: लाभ में कमी, आर्थिक हानि, संसाधनों की कमी.
  • द्वादश भाव: खर्च, कर्ज, स्वास्थ्य समस्या और हॉस्पिटल खर्च बढ़ना.

जन्मकुंडली, वास्तु, व्रत-त्योहार और अन्य ज्योतिषीय जानकारी के लिए आप ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा से संपर्क कर सकते हैं.

संपर्क: 8080426594 / 9545290847
विशेषज्ञता: ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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