Premanand Ji Maharaj: ऐसे लोग मंदिर जाकर भी नहीं पाते है पुण्य, प्रेमानंद महाराज ने किनके लिए कही यह बात

Published by : Neha Kumari Updated At : 09 Jan 2026 3:00 PM

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प्रेमानंद महाराज

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज ने कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताया है, जो पूजा-पाठ करें या मंदिरों के दर्शन करें, तब भी उन्हें पुण्य प्राप्त नहीं होगा. साथ ही उन्हें नरक में दंड भी दिया जाएगा. ये लोग कौन हैं, जिनके बारे में प्रेमानंद महाराज ने ऐसा कहा है? आइए जानते हैं.

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Premanand Ji Maharaj:  हिंदू धर्म में तीर्थ यात्रा, भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और मंदिरों के दर्शन का विशेष महत्व है. माना जाता है कि जो भी व्यक्ति मन से भगवान की उपासना, नाम-जप और मंदिरों के दर्शन करता है, उसे सुख और शांति की प्राप्ति होती है. लेकिन यह फल सभी को समान रूप से नहीं मिलता. व्यक्ति के कर्म और विचार इन फलों को प्रभावित करते हैं. प्रेमानंद महाराज ने इस विषय पर चर्चा करते हुए कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताया है, जो यदि पूजा-पाठ करें और मंदिरों के दर्शन करें, तब भी उन्हें पुण्य की प्राप्ति नहीं होती. आइए जानते हैं ये लोग कौन हैं.

किन लोगों को नहीं मिलता मंदिरों के दर्शन का पुण्य?

प्रेमानंद महाराज के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति व्यभिचारी हो, गलत कार्य करता हो, गंदे विचार रखता हो, स्त्रियों पर बुरी नजर डालता हो और दूसरों को कष्ट देता हो, तो ऐसे लोगों को पूजा करने का लाभ नहीं मिलता. जब मन में छल-कपट होता है, तो मंदिरों के दर्शन का कोई फल नहीं होता.

हर कर्म को देखते हैं भगवान

प्रेमानंद जी कहते हैं कि हर जीव के हृदय में भगवान का वास होता है. वे हर समय हमें देख रहे होते हैं. आप बाहर से दिखावा कर लें, लेकिन भगवान से कुछ भी छिपा नहीं सकता. यदि आपके कर्म खराब हैं, तो लाखों पूजा-पाठ और मंदिरों के दर्शन करने के बाद भी दंड अवश्य मिलेगा. वहीं,  यदि किसी व्यक्ति के कर्म और विचार अच्छे हैं, लेकिन वह मंदिर नहीं भी जाता है, तब भी उसे पुण्य की प्राप्ति होती है. हृदय में वास करने वाले भगवान सब कुछ देखते हैं.

मंदिरों के दर्शन का पुण्य 

प्रेमानंद जी ने लोगों को संदेश दिया कि उन्हें अपने कर्म अच्छे रखने चाहिए और विचारों को शुद्ध करना चाहिए. हर भक्त को प्रभु के नाम का जाप करना चाहिए. इससे उसका कल्याण होगा और सभी तीर्थों व मंदिरों के दर्शन का पूर्ण पुण्य प्राप्त होगा.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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