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Pohela Boishakh 2025: कल 15 अप्रैल को मनाया जाएगा बंगाली नववर्ष पोइला बैसाख, जानें इसकी खासियत

Updated at : 14 Apr 2025 1:17 PM (IST)
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Pohela Boishakh 2025

Pohela Boishakh 2025

Pohela Boishakh 2025: बंगालियों का बहुप्रतीक्षित त्यौहार पोहेला बैसाख, जिसे शुभो नोबोबोरशो या पोइला बैसाख भी कहा जाता है, पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में व्यापक रूप से मनाया जाता है. बंगाल का नया साल 15 अप्रैल से शुरू होगा/

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Pohela Boishakh 2025: पोहेला बैसाख, जिसे पोइला बैसाख के नाम से भी जाना जाता है, बंगाली नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है. यह त्यौहार बंगाली सौर कैलेंडर के अनुसार, बोइशाख महीने के पहले दिन मनाया जाता है. बांग्लादेश और भारतीय राज्यों पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और असम के कुछ हिस्सों में भव्यता के साथ मनाया जाने वाला यह दिन भारतीय बंगालियों के लिए नए साल की शुरुआत का प्रतीक है. इस त्यौहार को नोबोबोर्शो के नाम से भी जाना जाता है.

पोइला बैसाख 2025 कब है?

यह पावन अवसर हर वर्ष बैसाख महीने के पहले दिन मनाया जाता है. इस वर्ष यह 15 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा. लोग इस दिन का पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं, और अब वह समय आ गया है. उल्लेखनीय है कि पोइला बैसाख नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का संकेत देता है.

पोइला बोइशाख का उत्सव कैसे मनाया जाता है?

  • इस दिन की शुरुआत लोग भगवान से आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ करते हैं.
  • बंगाली व्यापारी इस अवसर को ‘हाल खाता’ नामक नई लेखांकन पुस्तक के आरंभ के रूप में मनाते हैं.
  • इस दिन समृद्धि के लिए भगवान ‘गणेश’ और ‘लक्ष्मी’ की विशेष पूजा की जाती है.
  • नए साल का स्वागत करने के लिए लोग अपने घरों को फूलों, मालाओं और अल्पनाओं से सजाते हैं.
  • कहा जाता है कि इस अवसर का आनंद स्वादिष्ट व्यंजनों के बिना अधूरा होता है.
  • इस दिन को खास बनाने के लिए लोग अक्सर शुक्तो, चोलर दाल, और शोरशे इलिश जैसे पारंपरिक बंगाली व्यंजन तैयार करते हैं.
  • बंगाली लोग इस दिन नए कपड़े पहनते हैं.
  • इसके अलावा, लोग अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं, दोस्तों के घर जाते हैं और रिश्तेदारों को रात के खाने के लिए आमंत्रित करते हैं.

पोईला बैसाख का महत्व

बंगाली पंचांग के अनुसार, नए वर्ष के आगमन पर बंगालियों को नए संस्करण की पुस्तकें खरीदने की आवश्यकता होती है. इसमें बंगाली परंपराओं, अनुष्ठानों और त्योहारों के सभी नवीनतम अपडेट, शुभ तिथियाँ और अवसर शामिल होते हैं, जिनका पालन करने के लिए तिथियों, समय और विधियों का ध्यान रखा जाता है. इस दिन, जब रिश्तेदार एक-दूसरे के घर आते हैं, तो उन्हें बंगाली मिठाइयाँ, जैसे रसगुल्ला, खिलाकर मुंह मीठा किया जाता है. शाम को, सभी लोग अपने घरों में मिठाइयाँ बनाते हैं या मिठाई की दुकानों से खरीदते हैं. यह दिन बंगाली नव वर्ष का प्रतीक है, इसलिए पश्चिम बंगाल में इसे सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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