Pitru Paksha 2024: पितृदोष निवारण के लिए करें ये अचूक उपाय, पितरों को नर्क से मिलेगी मुक्ति

Published by : Shaurya Punj Updated At : 24 Sep 2024 11:10 AM

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Pitru Paksha 2024, Pitra Dosh Ke Upay

Pitru Paksha 2024, Pitra Dosh Ke Upay: भगवान शिव ने पितरों की मुक्ति के लिए भक्ति की सर्वोच्चता का बोध कराया है, जो कर्मकांड और पिंडदान जैसी पारंपरिक विधियों से भी अधिक महत्वपूर्ण है.

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Pitru Paksha 2024, Pitra Dosh Ke Upay: प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथों में पितरों के उद्धार को अत्यधिक महत्व दिया गया है. विशेष रूप से, पद्मपुराण में भगवान शिव द्वारा अपने पुत्र कार्तिकेय को दिया गया उपदेश कलियुग के संदर्भ में मानव जीवन के लिए अत्यंत प्रासंगिक और मार्गदर्शक माना जाता है. इस उपदेश में भगवान शिव ने पितरों की मुक्ति के लिए भक्ति की सर्वोच्चता का बोध कराया है, जो कर्मकांड और पिंडदान जैसी पारंपरिक विधियों से भी अधिक महत्वपूर्ण है.

यह भक्ति पितरों के लिए किसी भी अन्य कर्मकांड से अधिक फलदायी

भगवान शिव अपने पुत्र कार्तिकेय से कहते हैं, “हे पुत्र! इस संसार में, विशेषकर कलियुग में, वे ही मनुष्य धन्य होते हैं जो अपने पितरों के उद्धार के लिए निरंतर भगवान विष्णु, जिन्हें श्रीहरि के नाम से जाना जाता है, का भजन और सेवा करते हैं. यह भक्ति पितरों के लिए किसी भी अन्य कर्मकांड से अधिक फलदायी होती है.”

केवल पिंडदान या श्राद्ध जैसे कर्मकांड पर्याप्त नहीं

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पिंडदान और गया में श्राद्ध आदि कर्मकांड पितरों की मुक्ति के पारंपरिक साधन माने जाते हैं, लेकिन भगवान शिव का यह संदेश बताता है कि कलियुग में पितरों के उद्धार के लिए केवल पिंडदान या श्राद्ध जैसे कर्मकांड पर्याप्त नहीं हैं. शिवजी कहते हैं, “बहुत से पिंड देने और गया में श्राद्ध करने की आवश्यकता नहीं है यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से भगवान विष्णु का भजन करता है. हरिभजन के प्रभाव से ही मनुष्य अपने पितरों का नरक से उद्धार कर सकता है.”

सिर्फ कर्मकांड करने से पितरों को मुक्ति नहीं मिलती

भगवान शिव ने आगे समझाया कि यदि पितरों की मुक्ति के उद्देश्य से भगवान विष्णु को दूध, जल, या अन्य पवित्र वस्तुओं से स्नान कराया जाए तो वे पितर स्वर्ग में पहुंचकर लाखों-करोड़ों कल्पों तक देवताओं के साथ आनंदपूर्वक निवास करते हैं. यह बताता है कि सिर्फ कर्मकांड करने से पितरों को मुक्ति नहीं मिलती, बल्कि सच्ची भक्ति और हरिभजन से पितरों को उच्च लोकों में स्थान प्राप्त होता है.

शिवजी के इस उपदेश से यह स्पष्ट होता है कि कलियुग में मनुष्य के पास जितनी भी कठिनाइयाँ और चुनौतियाँ हों, अगर वह हरिभजन के मार्ग पर चलता है, तो न केवल वह स्वयं का उद्धार कर सकता है, बल्कि अपने पूर्वजों, यानी पितरों, का भी नरक से उद्धार कर सकता है. कलियुग में भक्ति की शक्ति इतनी प्रबल मानी गई है कि वह किसी भी अन्य धार्मिक कर्मकांड को पार कर जाती है.

भगवान शिव का यह संदेश न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानव जीवन में भक्ति के महत्व को भी उजागर करता है. पिंडदान, श्राद्ध, और कर्मकांड अपनी जगह पर महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सच्ची भक्ति और भगवान विष्णु के प्रति समर्पण से पितरों का उद्धार सहज और अति फलदायी हो सकता है. इस प्रकार, शिवजी ने स्पष्ट किया कि कलियुग में हरिभजन ही सर्वोत्तम मार्ग है, जो व्यक्ति और उसके पितरों दोनों के जीवन को उन्नत कर सकता है.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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