Parivartini Ekadashi Vrat Katha: परिवर्तिनी एकादशी पर आज जरूर सुनें ये व्रत कथा, पूरे होंगे हर कार्य

Author :Shaurya Punj
Published by :Shaurya Punj
Updated at :03 Sep 2025 6:27 AM
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Parivartini Ekadashi Vrat Katha

परिवर्तिनी एकादशी व्रत कथा

Parivartini Ekadashi Vrat Katha 2025: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं. इस दिन भगवान विष्णु करवट बदलते हैं और व्रत-पूजा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी की कथा सुनने और व्रत रखने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और पापों का नाश होता है.

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Parivartini Ekadashi Vrat Katha: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है. यह तिथि हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को आती है और भगवान विष्णु को समर्पित होती है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ व्रत रखने का अत्यंत शुभ फल मिलता है. धार्मिक मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी पर व्रत करने और विष्णु-लक्ष्मी की आराधना करने से सभी पापों का नाश होता है और भक्त को श्रीहरि की असीम कृपा प्राप्त होती है.

परिवर्तिनी एकादशी 2025 की तिथि(Parivartini Ekadashi)

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष परिवर्तिनी एकादशी व्रत 3 सितंबर 2025, बुधवार को रखा जा रहा है. एकादशी तिथि का आरंभ 3 सितंबर को सुबह 04:54 बजे होगा और इसका समापन 4 सितंबर को सुबह 04:22 बजे होगा. उदया तिथि के आधार पर व्रत 3 सितंबर को ही रखा जा रहा है. परिवर्तिनी एकादशी व्रत रखने के साथ कथा सुनने से शुभ फल की प्राप्ति होती है.

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भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का महत्व जानने के लिए अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रश्न किया. तब श्रीकृष्ण ने कहा – “हे पार्थ! इस एकादशी की कथा के श्रवण मात्र से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मनुष्य स्वर्गलोक का अधिकारी बन जाता है. इसी दिन भगवान विष्णु शयनावस्था में करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है.”

श्रीकृष्ण ने आगे बताया कि त्रेतायुग में बलि नामक एक असुरराज था. वह बलवान, दानवीर और ब्राह्मणों का आदर करने वाला था. देवताओं का सिंहासन प्राप्त करने की इच्छा से उसने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया. यह देखकर देवराज इंद्र ने भगवान विष्णु से सहायता की प्रार्थना की. तब भगवान विष्णु वामन रूप धारण कर राजा बलि के यज्ञ मंडप में पहुँचे और उससे तीन पग भूमि दान में मांगी.

राजा बलि ने सहर्ष यह वचन दे दिया. जैसे ही वामनदेव ने प्रतिज्ञा पाई, उन्होंने अपना स्वरूप विराट कर लिया और मात्र दो ही पगों में संपूर्ण ब्रह्मांड नाप लिया. तीसरे पग के लिए जब स्थान शेष न रहा, तब उन्होंने बलि से पूछा – “अब मैं तीसरा पग कहाँ रखूँ?” इस पर राजा बलि ने विनम्र होकर अपना सिर अर्पित कर दिया. उसकी दानशीलता और विनम्रता से प्रसन्न होकर वामनदेव ने अपना तीसरा पग उसके मस्तक पर रखा और उसे पाताल लोक पहुँचा दिया.

वामनदेव ने यह आशीर्वाद दिया कि वे सदैव पाताल लोक में बलि के साथ रहेंगे. तभी से मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु एक स्वरूप में पाताल में राजा बलि के साथ और दूसरे स्वरूप में क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर विराजमान रहते हैं. इसी दिन वे शयन के दौरान करवट भी बदलते हैं.

इस व्रत पर भगवान विष्णु के साथ वामन अवतार की पूजा का भी विधान है. श्रद्धालु इस दिन दही-चावल और चाँदी का दान करते हैं तथा रात्रि जागरण कर भक्ति भाव से हरि स्मरण करते हैं. मान्यता है कि जो भी परिवर्तिनी एकादशी का व्रत पूर्ण निष्ठा से करता है, वह समस्त पापों से मुक्त होकर स्वर्गलोक की प्राप्ति करता है.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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