भद्रकाली जयंती से पहले जानें क्यों माना गया है इन्हें तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी

Author :Shaurya Punj
Published by :Shaurya Punj
Updated at :12 May 2026 5:15 PM
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Bhadrakali Jayanti 2026

भद्रकाली जयंती 2026

Bhadrakali Jayanti 2026: कल यानी 13 मई 2026 को भद्रकाली जयंती मनाई जाएगी. जानें मां भद्रकाली का पौराणिक महत्व, पूजा विधि, धार्मिक मान्यताएं और इस दिन पूजा करने से मिलने वाले विशेष लाभ.

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Bhadrakali Jayanti 2026:  मां भद्रकाली की जयंती ज्येष्ठ माह की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. वर्ष 2026 में अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व 13 मई को मनाया जाएगा. दक्षिण भारत में मां भद्रकाली की पूजा विशेष रूप से प्रचलित है और इस दिन भक्त पूरे श्रद्धाभाव से देवी की आराधना करते हैं. मान्यता है कि मां भद्रकाली की पूजा से भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है.

कौन हैं मां भद्रकाली?

माता काली के अनेक स्वरूप बताए गए हैं, जैसे दक्षिणा काली, महाकाली, श्मशान काली, श्यामा काली और भद्रकाली. इनमें भद्रकाली को मां काली का शांत और कल्याणकारी रूप माना जाता है. “भद्र” का अर्थ शुभ और मंगलकारी होता है, इसलिए भद्रकाली भक्तों को सुख, सुरक्षा और आशीर्वाद प्रदान करने वाली देवी मानी जाती हैं.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी भद्रकाली भगवान शिव के क्रोध से प्रकट हुई थीं. जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष प्रजापति के यज्ञ में अपमानित होकर आत्मदाह किया, तब भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हुए. उसी क्रोध से मां भद्रकाली प्रकट हुईं और उन्होंने दक्ष के यज्ञ का विनाश किया. उनका मुख्य उद्देश्य अधर्म और दुष्ट शक्तियों का अंत करना था.

पूजा का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों में मां भद्रकाली को तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी माना गया है. ऐसा विश्वास है कि उनकी उपासना करने से शत्रुओं का नाश होता है और तंत्र-मंत्र या बुरी शक्तियों का प्रभाव समाप्त होता है. मां की कृपा से व्यक्ति में साहस, आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ती है.

जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष, शत्रु बाधा या मानसिक भय होता है, उनके लिए भद्रकाली जयंती का दिन विशेष फलदायी माना गया है. इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

कैसे करें पूजा?

भद्रकाली जयंती के दिन सुबह स्नान कर लाल या काले वस्त्र धारण करें. मां भद्रकाली की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर लाल फूल, सिंदूर और नारियल अर्पित करें. इसके बाद देवी मंत्रों और काली चालीसा का पाठ करें. श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा से मां भद्रकाली शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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