Nirjala Ekadashi 2025 व्रत में क्या एक बूंद पानी भी पीना मना है? नियम जानकर चौंक जाएंगे

Published by : Shaurya Punj Updated At : 14 May 2025 1:32 PM

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Nirjala Ekadashi 2025 Vrat Niyam

Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी का पारण द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद पूजा और दान के साथ किया जाता है. पारण के समय जल का सेवन और फलाहार करना शुभ माना जाता है. इस दिन ब्राह्मणों को जलपात्र, छाता, वस्त्र और फल आदि का दान करना विशेष पुण्यदायक होता है.

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Nirjala Ekadashi 2025 Vrat Niyam: निर्जला एकादशी, सभी एकादशियों में सबसे कठिन और पुण्यदायी मानी जाती है.इसका नाम स्पष्ट करता है – ‘निर्जला’ अर्थात् जल के बिना व्रत.यह व्रत ज्‍येष्‍ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है और इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है.

इस साल कब है निर्जला एकादशी

इस वर्ष निर्जला एकादशी 06 जून 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी.ज्येष्ठ माह में सूर्य की गर्मी अधिक होती है, जिससे लोगों को प्यास लगती है.इस कारण निर्जला एकादशी का व्रत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है.यदि इस व्रत के दौरान जल का सेवन किया जाए तो व्रत टूट जाता है और इसका फल नहीं मिलता.ज्योतिषियों के अनुसार, निर्जला एकादशी व्रत में दो बार पानी का उपयोग किया जा सकता है.

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निर्जला एकादशी के दिन स्नान करते समय व्रती पहली बार जल का प्रयोग करते हैं.

निर्जला एकादशी के व्रत में संकल्प लेते समय और आचमन करते समय जल का दूसरा बार उपयोग किया जा सकता है.

व्रत का विशेष नियम: जल का त्याग

इस व्रत की विशेषता यह है कि इसमें जल का सेवन नहीं किया जाता. सामान्य एकादशी व्रत में फल और जल का सेवन किया जाता है, जबकि निर्जला एकादशी में सूर्योदय से अगले दिन पारण तक जल और अन्न दोनों का पूर्णतः त्याग किया जाता है. इस कारण यह व्रत तपस्वियों के समान कठिन माना जाता है.

पानी कब पीना चाहिए?

वास्तव में, यदि आप निर्जला एकादशी का संपूर्ण व्रत रखते हैं, तो आपको पूरे दिन और रात जल का सेवन नहीं करना चाहिए. केवल अगले दिन द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करके ही जल और भोजन ग्रहण करना उचित माना जाता है.

हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप या अत्यधिक गर्मी के कारण कमजोरी, तो वह अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा पानी पी सकता है. कुछ विद्वानों का मानना है कि यदि पूरी तरह से निर्जल रहना संभव नहीं है, तो तुलसी जल या गंगाजल का सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है, लेकिन इससे व्रत की पूर्णता में थोड़ी कमी मानी जाती है.

व्रत का पारण

निर्जला एकादशी का पारण द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद पूजा और दान के साथ किया जाता है. पारण के समय जल का सेवन और फलाहार करना शुभ माना जाता है. इस दिन ब्राह्मणों को जलपात्र, छाता, वस्त्र और फल आदि का दान करना विशेष पुण्यदायक होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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