ePaper

Navratri 2025: नवरात्रि के बाद क्या करें अखंड ज्योत का? यहां देखिए कलश के जल का सही उपयोग

Updated at : 01 Oct 2025 4:20 PM (IST)
विज्ञापन
Navratri Kalash

Navratri 2025: नवरात्रि के दौरान कई लोग अखंड ज्योति जलाते हैं, कलश में जल रखते हैं और माता की मूर्ति के पास जौ उगाते हैं. लेकिन नवरात्रि समाप्त होने के बाद अक्सर लोगों को यह नहीं पता होता कि इन चीजों का क्या किया जाए. आइए बताते हैं इसका सही उपयोग.

विज्ञापन

Navratri 2025: नवरात्रि में कई लोग बड़े विधि-विधान से मां दुर्गा की प्रतिमा अपने घर में स्थापित करते हैं. इस दौरान वे कलश में पानी भरकर रखते हैं, उसके ऊपर नारियल रखते हैं, मां के सामने अखंड दीप जलाते हैं और कलश के पास जवार उगाते हैं. लेकिन नवरात्रि समाप्त होने के बाद कई लोगों को यह नहीं पता होता कि जले हुए दीपक को कैसे बुझाया जाए या कलश में भरे पानी का क्या करना चाहिए. आइए जानते हैं इन पूजा की वस्तुओं का सही तरीके से उपयोग और समर्पण कैसे किया जाए.

क्या करें अखंड ज्योति का

अगर नवरात्रि के बाद आपकी अखंड ज्योति जल रही है, तो इसे तुरंत बुझाने की कोशिश न करें. इसे खुद-ब-खुद बुझने दें. अखंड ज्योति को जबरन बुझाना अशुभ माना जाता है. गलती से बुझा देने पर मां दुर्गा से क्षमा प्रार्थना करें. ज्योति बुझने के बाद इसकी बत्ती निकालकर अलग रख दें और बचा हुआ तेल फिर से पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है.

कलश में रखे जल का उपयोग

कलश से नारियल निकालने के बाद उसमें रखा पानी घर के कोनों में छिड़क दें. बचा हुआ पानी आप गमले में डाल सकते हैं. यह पानी बहुत पवित्र माना जाता है और इसे घर में छिड़कने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. कलश में रखे सिक्के को अपनी तिजोरी या पर्स में रखकर आर्थिक स्थिति मजबूत बनाई जा सकती है. कलश के ऊपर रखा नारियल लाल कपड़े में बांधकर मंदिर या तिजोरी में रख सकते हैं, या इसे नदी में प्रवाहित भी किया जा सकता है.

जौ का सही इस्तेमाल

नवरात्रि के दौरान कलश के पास उगे जौ को विसर्जन के बाद गमले में लगा दें. कुछ जवार अपनी तिजोरी या पैसों के स्थान पर रख सकते हैं. ऐसा करने से घर में धन-संपत्ति बनी रहती है. जवार को घर की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

Also Read: Durga Maa Visarjan 2025: इस शुभ मुहूर्त में करें मां दुर्गा की विदाई, जानें मूर्ति विसर्जन का महत्व

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन
JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola