महाकाली की कथा: जब भगवान शिव ने शांत किया था मां काली का विकराल क्रोध
Published by : Shaurya Punj Updated At : 02 Jun 2026 9:23 AM
महाकाली और रक्तबीज वध की कथा
Mahakali Katha: रक्तबीज के वध के बाद मां महाकाली का क्रोध इतना बढ़ गया कि संपूर्ण सृष्टि संकट में पड़ गई. तब भगवान शिव ने उनके चरणों में लेटकर उन्हें शांत किया.
Mahakali Katha: हिंदू धर्म में मां काली को आदिशक्ति का सबसे उग्र और शक्तिशाली स्वरूप माना जाता है. वह भगवती दुर्गा की दस महाविद्याओं में से एक हैं. महाकाली का स्वरूप जितना भयावह दिखाई देता है, उतना ही वह अपने भक्तों के प्रति करुणामयी और रक्षक भी हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनका प्राकट्य दुष्ट शक्तियों और राक्षसों के संहार के लिए हुआ था. कहा जाता है कि स्वयं काल भी मां काली से भय खाता है. उनके क्रोध की शक्ति इतनी प्रचंड है कि संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्तियां भी उसे नियंत्रित नहीं कर सकतीं. यही कारण है कि एक बार उनके विकराल क्रोध को शांत करने के लिए स्वयं भगवान शिव को उनके चरणों में लेटना पड़ा था.
रक्तबीज का आतंक और देवताओं की चिंता
पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्तबीज नामक एक शक्तिशाली दैत्य ने कठोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से अद्भुत वरदान प्राप्त किया था. उसे यह वर मिला था कि उसके रक्त की एक बूंद भी यदि धरती पर गिरेगी तो उससे उसके समान शक्ति वाला नया दैत्य उत्पन्न हो जाएगा. इस वरदान के बल पर रक्तबीज ने तीनों लोकों में आतंक मचा दिया. उसने देवताओं, ऋषियों और निर्दोष प्राणियों को परेशान करना शुरू कर दिया. जब देवताओं ने उससे युद्ध किया तो वे उसे घायल तो कर देते थे, लेकिन उसके रक्त की हर बूंद से हजारों नए रक्तबीज पैदा हो जाते थे. इससे युद्ध और भी भयावह हो गया.
मां दुर्गा ने धारण किया महाकाली का रूप
जब सभी देवता रक्तबीज के आतंक से परेशान हो गए, तब उन्होंने आदिशक्ति की शरण ली. देवताओं की प्रार्थना सुनकर मां दुर्गा ने अपना उग्र और विकराल स्वरूप धारण किया, जिसे महाकाली कहा जाता है. महाकाली का स्वरूप अत्यंत भयावह बताया गया है. उनके हाथों में खप्पर और अस्त्र-शस्त्र होते हैं, गले में मुंडमाला सुशोभित रहती है और उनकी लंबी जिह्वा बाहर निकली रहती है. हालांकि उनका यह रूप दुष्टों के लिए भय का कारण है, लेकिन भक्तों के लिए वह प्रेम, सुरक्षा और करुणा का प्रतीक हैं.
कैसे हुआ रक्तबीज का वध?
महाकाली युद्धभूमि में पहुंचीं और राक्षसों का संहार करने लगीं. लेकिन रक्तबीज की रक्त बूंदों से नए दैत्यों का जन्म लगातार होता रहा. तब मां काली ने अपनी विशाल जिह्वा फैला दी. उन्होंने रक्तबीज के शरीर से निकलने वाले रक्त को धरती पर गिरने से पहले ही अपनी जिह्वा पर ग्रहण करना शुरू कर दिया. इस प्रकार रक्त की एक भी बूंद भूमि पर नहीं गिर सकी और नए दैत्यों का जन्म रुक गया. अंततः महाकाली ने रक्तबीज का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्त कर दिया.
ये भी पढ़ें: तुलसी जन्म कथा: जब माता लक्ष्मी ने भक्त राजा की पुत्री बनकर लिया अवतार
भगवान शिव ने शांत किया मां काली का क्रोध
रक्तबीज के वध के बाद भी मां काली का क्रोध शांत नहीं हुआ. उनका उग्र रूप संपूर्ण सृष्टि के लिए चिंता का विषय बन गया. सभी देवता भगवान शिव के पास पहुंचे और उनसे सहायता की प्रार्थना की. भगवान शिव ने मां काली को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन जब कोई उपाय सफल नहीं हुआ तो वे उनके मार्ग में लेट गए. युद्ध के उन्माद में आगे बढ़ती मां काली का चरण जैसे ही भगवान शिव के वक्षस्थल पर पड़ा, वे तुरंत ठिठक गईं. अपने आराध्य पति को चरणों के नीचे देखकर उनका क्रोध शांत हो गया और उन्होंने अपना उग्र रूप त्याग दिया. यह कथा शक्ति और शिव के दिव्य संतुलन का प्रतीक मानी जाती है. मां काली का यह स्वरूप आज भी भक्तों को यह संदेश देता है कि धर्म की रक्षा के लिए शक्ति आवश्यक है, लेकिन शक्ति का संतुलन और नियंत्रण भी उतना ही महत्वपूर्ण है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










